टिकरी बॉर्डर किसान ने लगाई फांसी, सुसाइड नोट में लिखा सरकार मेरी अंतिम इच्छा पूरी करें,
किसान आंदोलन को लगभग 101 दिन हो चूके है और अबतक करीब 200 किसानों की मौत आंदोलन में दिल्ली की सीमाओं पर हुई है. जानकारी बता दें बहादुरगढ़ के टिकरी बॉर्डर पर एक और किसान की आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. जानकारी बता दें हिसार जिले के सिसाय निवासी किसान राजबीर नेे कृषि कानून वापस नहीं लेने से परेशान होकर, शनिवार रात टिकरी बॉर्डर पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. सुबह किसानों ने टिकरी बॉर्डर के पास खेतों में राजवीर का शव पेड़ पर लटका हुआ देखा. वही किसान राजबीर सुसाइड नोट भी छोड़कर गया है. इस आत्महत्या की सूचना मिलते ही तुंरत ग्रामीण टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना हो गए
मिली जानकारी के मुताबिक राजबीर सिसाय शुरुआत से ही किसान आंदोलन से जुड़ा हुआ था. वह आंदोलन में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा था और वह पिछले दस दिनों से लगातार टिकरी बॉर्डर पर ही था. रात को वह गांव के जत्थे से अलग हो गया और खेत में जाकर उसने आत्महत्या कर ली.
राजबीर ने आत्महत्या करने से पहले 2 पन्ने का सुसाइड नोट लिखा. जिसमे उसने अपनी मौत का जिम्मेदार सरकार को बताया है. उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा कि सरकार मरने वाले की आखिरी इच्छा पूरी करती है, और मेरी आखिरी इच्छा यह है कि कृषि कानूनों को रद्द किया जाए.
बता दें कि राजबीर सिंह के एक बेटा व बेटी है. अपने सुसाइड नोट में उन्होंने सरकार पर गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, कि यह सरकार खून मांगती है और मैं अपनी शहादत देता हूं. मेरी यह शहादत खराब नहीं जानी चाहिए. चाहे, मेरा शव सड़क पर पड़े रहे . उन्होंने लिखा कि भगत सिंह ने देश के लिए जान दी थी और मैं किसान के लिए जान दे रहा हूं. सूचना मिलते ही उनके गांव से किसान तुरंत बॉर्डर के लिए निकल पड़े,