Sirsa News: घग्गर नदी में आया बरसाती पानी, 3 नहरों में छोड़ा, नरमा और ग्वार फसल को फायदा
The Chopal, Sirsa: सिरसा जिले में मानसून बारिश कम होने की वजह से किसानों को फसलों में सिंचाई के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. परंतु अब घग्गर नदी में बरसात के पानी की आवक बढ़ने लगी है. जिससे किसानों को राहत मिलेगी. घग्गर नदी बरसात का पानी आने की वजह से धान की फसल में सिंचाई की कमी पूरी हो सकेगी. घग्गर नदी में आया पानी शुक्रवार सुबह ओटू हेड तक पहुंच चुका है.
पानी की आवक बढ़ने के बाद रत्ताखेड़ा खरीफ चैनल, मंगाला माइनर और बणी-सदेवा खरीफ चैनल में 3000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि, नदी में पानी की आवक बढ़ने की वजह से ओटू हेड पर पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है. अगर लगातार इसी तरह पानी की आवक बनी रही तो अन्य नहरों में भी पानी छोड़ दिया जाएगा.
11 अगस्त तक सिरसा में बारिश के आसार
मौसम विज्ञान के अनुसार, जिले में 11 अगस्त तक मानसून सक्रिय रहने की संभावना जताई गई. इस दौरान कई स्थानों पर तेज और कई जगहों पर मामूली बारिश देखने को मिल सकती है. आज शनिवार सुबह से भी लगातार सिरसा शहर और कई ग्रामीण इलाकों में बारिश देखने को मिली.
पंचकूला के पास पहाड़ी इलाकों और पंजाब में हुई बरसात के बाद घग्गर नदी में जलस्तर बढ़ रहा है. शुक्रवार शाम को गुहला-चीका हेड पर 19000 क्यूसेक, खनौरी में 5000 क्यूसेक, चांदपुरा में 5000 क्यूसेक और सरदूलगढ़ में लगभग 3000 क्यूसेक पानी दर्ज हुआ. यह बरसाती पानी अब ओटू डेम तक पहुंच चुका है.
घग्गर में बरसात का पानी आने की वजह से गांव में धान की फसलों में सिंचाई हो सकेगी. क्योंकि जिले का ज्यादातर सिंचाई क्षेत्र नहरों पर निर्भर है. मानसून की बारिश कम होने की वजह से सिरसा जिले को इस बार सूखा प्रभावित जिलों में शामिल किया गया है. सामान्य से कम बरसात होने की वजह से नरमा (कॉटन), धान और ग्वार की फसलों में किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है. अब घग्गर में पानी आने की वजह से सिंचाई की उम्मीद जगी है.