उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेस वे इलेक्ट्रिक कार ग्राहकों के लिए क्यों बने परेशानी, जल्द मिलेगी राहत
Uttar Pradesh : देश में इलेक्ट्रिक कारों का एक नया दौर आ गया है। वही उत्तर प्रदेश में भी इलेक्ट्रिक कारों की मांग बढ़ती जा रही है। लेकिन एक्सप्रेस वे पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चलने में सक्षम नहीं है। क्योंकि चार्जिंग स्टेशन की कमी के चलते एक्सप्रेस वे पर पहुंचते ही इलेक्ट्रिक वाहन रुक जाते हैं।
खरीदी 10 हजार कारें
उत्तर प्रदेश में अभी तक करीबन 10000 कारों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। लेकिन उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर पहुंचते ही ये कारें फेल हो जाती है। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक कार खरीदने को लेकर लोगों में काफी जुनून देखा जा सकता है। परंतु दूसरी और टेंडर होने के बाद भी एक्सप्रेस वे पर चार्जिंग स्टेशन लगाने का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है।
UPDA का दावा
यूपीडा ने बताया कि यूपी के सभी एक्सप्रेस वे पर अगस्त महीने तक इलेक्ट्रिक कार को आसानी से ले जाया जा सकेगा। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। इस काम को पूरा करने के लिए उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास ने अडानी एनर्जी को काम दिया था।
इस परियोजना के तहत पहले चरण में करीबन 26 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने थे। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर इन चार्जिंग स्टेशन को लगाया जाना था। इसके साथ-साथ गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे पर भी चार्जिंग स्टेशन लगाया जाना था। टोल प्लाजा और रेस्ट प्लाजा पर इन स्टेशनों को बनाया जाएगा जिससे कारों को चार्जिंग की सुविधा मिलेगी।
कितने चार्जिंग स्टेशन
| एक्सप्रेसवे | चार्जिंग स्टेशन |
| पूर्वांचल एक्सप्रेसवे | 8 |
| बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे | 8 |
| आगरा एक्सप्रेसवे | 8 |
| गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे | 2 |
दिसंबर तक करना पड़ेगा इंतजार
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे डेवलपमेंट अथॉरिटी के जनरल मैनेजर एके पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि अभी ई चार्जिंग स्टेशन लगाने में दिसंबर तक का समय लग सकता है। इस कार्य को पूरा करने के लिए अडानी लिमिटेड को काम दिया गया है। कुछ तकनीकी समस्याओं के चलते इस काम में थोड़ा विलंब आ रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिसंबर महीने तक एक्सप्रेसवे पर चार्जिंग स्टेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा।