डेल्टा और ओमिक्रॉन के बाद कोरोना के नए वेरिएंट Deltacron की एंट्री,जानें कितना है खतरनाक

 

नई दिल्ली: कोरोना वायरस को दो साल से ज्यादा समय हो गया है. और इसके एक के बाद एक नए वेरिएंट सामने आ रहे हैं. डेल्टा और ओमिक्रॉन के बाद अब एक नया वेरिएंट डेल्टाक्रॉन (Deltacron) आ गया है. बताया जा रहा है कि ये डेल्टा और ओमिक्रॉन से मिलकर बना एक हाइब्रिड स्ट्रेन है. और ब्रिटेन से डेल्टाक्रॉन के कुछ मामले सामने आए हैं, जिसने एक बार फिर से हेल्थ एक्सपर्ट्स और लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जारी बयान मे बताया है कि कुछ यूरोपीय देशों फ्रांस, नीदरलैंड और डेनमार्क में इस नए डेल्टाक्रॉन वेरिएंट के कुछ मामले सामने आए हैं. 

डेल्टा और ओमिक्रॉन का मिलाजुला वेरिएंट है कि डेल्टाक्रॉन  

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि डेल्टाक्रॉन का जेनेटिक बैकग्राउंड डेल्टा वेरिएंट के जैसा ही है, साथ ही इसमें कुछ ओमिक्रॉन जैसे कुछ म्यूटेशन भी हैं. इसीलिए ही इसे 'डेल्टाक्रॉन' नाम दिया गया है.इस ओमिक्रॉन को अब तक का सबसे तेजी से फैलने वाला कोरोना वेरिएंट बताया गया है, जबकि कोरोना के डेल्टा वेरिएंट ने पिछले साल कई देशों में कहर बरपाया था.

 डेल्टाक्रॉन डेल्टा और ओमिक्रॉन का हाइब्रिड वेरिएंट-

एक्सपर्ट्स की माने तो ये एक सुपर सुपर-म्यूटेंट वायरस, जिसका वैज्ञानिक नाम BA.1 + B.1.617.2 है. एक्सपर्ट्स ने कहा है कि डेल्टा और ओमिक्रॉन से मिलकर बना एक हाइब्रिड स्ट्रेन है, जिसे सबसे पहले साइप्रस के रिसर्चर्स ने पिछले महीने एक खोज मे खोजा था।पर उस समय तो वैज्ञानिकों ने इसे लैब में हुई एक तकनीकी गलती समझा था. लेकिन अब दुनियाभर से इसके लगातार केस सामने आ रहे हैं.

भारत में कितना है खतरा?

ब्रिटेन समेत दुनिया के कई देशों में अब डेल्टाक्रॉन के मामले सामने आ रहे हैं. लेकिन फिलहाल भारत में अभी तक इसके मामले नहीं देखे गए हैं. हालांकि कई मामलों में ओमिक्रॉन और डेल्टा के मिश्रित संक्रमण जरूर देखने को मिल रहे हैं. देश कोरोना वायरस के इस वेरिएंट को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने स्वास्थ्य मंत्रालय के अफसरों के साथ बुधवार शाम एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की. बैठक में इस नए वेरिएंट की रिपोर्ट्स पर नजर रखने के लिए कहा गया है.

डेल्टाक्रॉन के लक्षण कौन से है -

बता दे कि यूरोप की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी फिलहाल डेल्टाक्रॉन को जांच रही है. ऐसे में अभी इस बात का पता लगा पाना काफी मुश्किल है लेकिन ज्यादातर मामलों में यह मुख्य लक्षण देखें गए हैं.

  • तेज बुखार
  • कफ
  • सूघंने की क्षमता कम या खत्म होना
  • बहती नाक
  • बहती नाक
  • थकान महसूस होना
  • सिरदर्द
  • सांस लेने में दिक्कत
  • मांसपेशियों या शरीर में दर्द
  • गले में खराश, उल्टी और डायरिया