कश्मीर फाइल्स में मुस्लिम और सिखों के संघर्ष को किया गया नजरअंदाज:- नेशनल कॉफ्रेंस
Mar 19, 2022, 10:02 IST
The Chopal
देश| द कश्मीर फाइल्स को जहां पूरे भारत मे सराहना मिल रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर हर कोई इस फ़िल्म की तारीफ के कसीदे गढ़ रहा है। भारी संख्या में सिनेमा घरों में इसे देखने के लिए भीड़ उमड़ रही है। वही कई लोग इस फ़िल्म की सत्यता पर कई सवाल कर रहे हैं। इसका विरोध कर रहे है। अब इस बीच फ़िल्म के संदर्भ में नेशनल कॉफ्रेंस ने कल यानी शुक्रवार के दिन अपनी चुप्पी तोड़ दी है।
नेशनल कॉफ्रेंस ने एक बयान जारी कर कहा, यह फ़िल्म सच से बेहद दूर है। क्योंकि इसमें कश्मीरी पंडितों का दर्द तो दिखाया गया लेकिन पीड़ित मुसलमान और सिखों के संघर्ष को नजरअंदाज किया गया है। वही इस संदर्भ में पार्टी के उपाध्यक्ष और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा यदि इसे व्यावसायिक तौर पर रखा जाता तो यह सवाल नहीं उठता लेकिन फ़िल्म निर्माता यह दावा कर रहे हैं कि यह वास्तविकता पर आधारित है तो इसमे कई पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है ।
अब्दुल्ला ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के दमाल हांजीपोरा में मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान कहा , कश्मीरी पंडितों के पलायन की दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई, तब फारूक अब्दुल्ला मुख्यमंत्री नहीं थे.जगमोहन राज्यपाल थे. केंद्र में वी पी सिंह की सरकार थी, जिसे भाजपा ने बाहर से समर्थन दिया हुआ था। उन्होंने कहा यह चीजे फ़िल्म में नहीं है। सत्य के साथ छेड़छाड़ हुई है जो गलत है। उन्होंने आगे कहा कश्मीर में पंडितों का पलायन हुआ जो वास्तव में निंदनीय घटना है लेकिन हमें सिखों और मुसलमानों को नहीं भूलना चाहिए।