UP के इस जिले में बनेगा एलिवेटेड रेलवे ट्रैक, 50 लाख लोगों को जाम की समस्या से मिलेगी निजात
UP News : रेल मंत्री ने एलिवेटेड ट्रैक बनाने के लिए ग्रीन सिग्नल दिया जिससे उत्तर प्रदेश के इस जिले में पहली बार 15 से अधिक क्रासिंग पूरी तरह से खत्म होंगी।
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में यातायात को सुगम बनाने और रेलवे ट्रैफिक को बेहतर करने के लिए रेल मंत्री ने एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। जिससे सड़क और रेल यातायात में होने वाली देरी से राहत मिलेगी। शहरों में जाम की समस्या कम होगी, क्योंकि ट्रेनों के गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से लगने वाले ट्रैफिक को हटाया जाएगा।
अब अनवरगंज-मंधना ट्रैक पर पहली बार रेलवे की ओर से एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का लाभ शहर में रहने वाले 50 लाख से अधिक लोगों को मिल गया है। इस ट्रैक को बनाने में लगभग 995 करोड़ रुपये की लागत होगी। अब रेल मंत्री ने इस पुल को बनाने का ग्रीन सिग्नल दिया है। मार्च में इसका उद्घाटन होने के बाद काम तुरंत शुरू हो जाएगा।
कानपुर में जाम से 50 लाख लोगों को राहत मिलेगी
इस एलिवेटेड ट्रैक के निर्माण से कानपुर के इतिहास में पहली बार 15 से अधिक क्रासिंग पूरी तरह खत्म हो जाएंगी और लगभग 50 लाख लोगों को कानपुर की सबसे बड़ी समस्या जाम से पूरी तरह छुटकारा मिलेगा। यही नहीं, अनवरगंज से मंधना एलिवेटेड रोड मेट्रो रोड के सामने होगा। ऐसे में, लोग कानपुर में बदलाव देख सकेंगे जब दोनों ट्रैक पर अलग-अलग ट्रेनें चलेंगी।
2024 में एलिवेटेड ट्रैक बनाने की मांग बढ़ी: वर्तमान में अनवरगंज-मंधना रेलवे ट्रैक कानपुर को उत्तर और दक्षिण में बांटता है। दक्षिणी इलाकों में रहने वाले लाखों लोग हर दिन इस रेलवे ट्रैक से उत्तर की ओर जाते हैं। उत्तर से भी लाखों लोग इस रेलवे ट्रैक (विभिन्न क्रासिंगों पर) को पार करते हैं।
यद्यपि, अधिकांश क्रासिंग्स पर हर दिन घंटों जाम लगता है, जिससे राहगीर परेशान होते हैं। इसलिए, 2004 से कानपुर में एलिवेटेड ट्रैक बनाने का काम शुरू हो गया था। लेकिन 21 वर्षों के बाद अंतिम बार एलिवेटेड ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया। रेलवे मंत्रालय में इन 21 सालों में भाजपा के कई सांसदों और विधायकों ने दृढ़ता से मदद की। प्रशासनिक अफसरों ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्तमान स्थिति में अनवरगंज-मंधना रेलवे ट्रैक
30 ट्रेनें हर दिन गुजरती हैं, जिनमें हजारों लोग सफर करते हैं।
दैनिक रूप से पांच से छह मालगाड़ियां या अन्य ट्रेनें सामानों से भरी होती हैं।
अनवरगंज से मंधना तक हर दिन हजारों लोग बिल्हौर, कन्नौज, फर्रुखाबाद और कासगंज तक जाते हैं।
इन प्रमुख क्रासिंग से ट्रेनें गुजरती हैं
जरीब चौकी पुल, गुमटी नंबर 5, कोकाकोला पुल, श्रम विभाग पुल, गोल पुल, रावतपुर, विकास भवन पुल, गुमटी नंबर 9, गुरुदेव पुल, विनायकपुर पुल, दलहन अनुसंधान संस्थान, कल्याणपुर, आईआईटी कानपुर, एलिम्को पुल, मंधना। रेल मंत्री ने अनवरगंज मंधाना रेलवे एलिवेटेड ट्रैक की अनुमति दी है। इसका शिलान्यास मार्च में होगा।
