UP में बिछेगी 61 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन, देश के 3 कोनों से आएगी ट्रेन
UP News : उत्तर प्रदेश में रेलवे प्रोजेक्ट को लेकर पिछले कुछ सालों में सरकार की तरफ से बड़े कदम उठाए गए हैं। प्रदेश में कई नई रेल लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है और कुछ पर कार्य चलना अभी बाकी है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में 61 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक बिछाया जाना है। इस रेलवे ट्रैक के बन जाने के बाद लोगों को आवागमन में पहले से ज्यादा सहूलियत मिलने वाली है।
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। इसी कड़ी में 61 किलोमीटर लंबा नया रेलवे ट्रैक बिछाने की योजना बनाई गई है। इस नए रेलवे ट्रैक के बनने से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और तेज़ यात्रा का लाभ मिलेगा।
नोएडा के जेवर में बन रहे एयरपोर्ट पर विश्वस्तरीय सुविधाओं का निर्माण जारी है। इस कड़ी में एयरपोर्ट के नीचे 11 किलोमीटर लंबी सुरंग भी बनानी थी, लेकिन एयरपोर्ट लिमिटेड ने इसे असुरक्षित बताते हुए योजना में बदलाव करने का प्रस्ताव दिया है। यूपी के नोएडा में बन रहे जेवर एयरपोर्ट को ऐसी सुविधाएं देने की योजना बनाई जा रही है जो देश में अभी तक कहीं भी नहीं हैं। जेवर एयरपोर्ट भी आने वाले समय में दिल्ली और मुंबई जैसे हवाईअड्डों को पीछे छोड़ देगा। इस खंड में एक अतिरिक्त प्रस्ताव है जेवर एयरपोर्ट के नीचे से ग्यारह किलोमीटर लंबी सुरंग बनाना। यदि प्रस्ताव पारित होता है, तो इस एयरपोर्ट को देश के तीनों बड़े महानगरों से सीधे जोड़ा जा सकेगा।
एयरपोर्ट तक ट्रेन सीधी पहुंच मिलेगी
वैसे तो 11 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने का प्रस्ताव बहुत पहले प्रस्तावित किया गया था, लेकिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) ने अब इस प्रस्ताव में कुछ तकनीकी कमियों का उल्लेख किया है। यहां बनने वाली रेलवे लाइन का ही एक हिस्सा जेवर एयरपोर्ट के नीचे 11 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने का प्रस्ताव है। बुलंदशहर के चोला से पलवल जिले के रूंधी तक 61 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक बनाया जाना है. इससे एयरपोर्ट तक ट्रेन सीधी पहुंच मिलेगी। इस ट्रैक के निर्माण से हावड़ा, चेन्नई और मुंबई से आने वाली ट्रेनों को जेवर एयरपोर्ट तक सीधा रूट मिलेगा।
सुरंग बनाने की आवश्यकता क्यों थी?
वास्तव में, सरकार ने 11 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड टनल बनाकर रेलवे ट्रैक को सीधे एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्ट सेंटर तक ले जाना चाहा था। इससे यात्रियों को टर्मिनल से बाहर निकलने की जरूरत नहीं होगी। लेकिन अब NIAL ने इस प्रोजेक् ट को महंगा और एयरपोर्ट के आसपास की मिट्टी से असुरक्षित बताया है। योजना के अनुसार, यह टनल एयरपोर्ट के 20 एकड़ खाली जमीन के नीचे बनाया जाना था।
एयरपोर्ट को बढ़ाने में बाधा
NIAL के सीईओ अरुण वीर सिंह ने कहा कि पहले पेश किए गए प्रस्ताव में रेलवे ट्रैक को एयरपोर्ट की खाली जगह के नीचे लाने के लिए एक सुरंग बनानी थी। लेकिन अंडरग्राउंड टनल बनने के बाद एयरपोर्ट के विस्तार में बाधा आ जाएगी, इसलिए इसमें अब कुछ तकनीकी समस्याएं हैं।
रेलवे ट्रैक का वर्तमान स्थान
NIAL के नोडल अधिकारी ने हाल में हुई एक बैठक में रेलवे ट्रैक और स्टेशन को एयरपोर्ट के पूर्वी कैंपस के निकट बनाने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही उत्तर-मध्य रेलवे को इसके लिए एक पुनर्गठित योजना बनाने को कहा गया है। बैठक में प्रस्ताव किया गया कि मल् टी मॉडल कार्गो हब को सड़क से जोड़ा जाए और एयरपोर्ट और रेलवे स् टेशन के बीच शटल सेवाएं दी जाएं। बैठक के बाद लगता है कि 11 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने की योजना अब बदल सकती है।