MP में बनेगी 6 लेन चौड़ी सड़क, तीन बड़े शहरों से गुजरेगी, रियल एस्टेट सेक्टर में भी आएगा उछाल
MP News : मध्य प्रदेश के इस शहर में यातायात की समस्या को दूर करने और सुगम परिवहन व्यवस्था के लिए 6-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा विकसित किया जा रहा है।
Madhya Pradesh News: इंदौर, मध्य प्रदेश की राजधानी है, जिसमें बहुत सारे लोग रहते हैं। यहां बहुत चौड़ी सड़क बनाई जा रही है, जो इस समस्या को दूर करेगा। इंदौर, मध्य प्रदेश की राजधानी है, जिसमें बहुत सारे लोग रहते हैं। यहां बहुत चौड़ी सड़क बनाई जा रही है, जो इस समस्या को दूर करेगा। मास्टर प्लान के अनुसार नई सड़क 6 लेन बनाई जाएगी।
इंदौर विकास प्राधिकरण इसका निर्माण कर रहा है। एमआर 12 बनाने से ओंकारेश्वर जानेवालों को सबसे अधिक फायदा होगा। ऐसे लोग इंदौर की सड़कों को छोड़कर सीधे उज्जैन से ओंकारेश्वर जा सकेंगे। एमआर-12 सड़क से महाकाल ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की दूरी कम होगी। यात्रा में समय भी कम लगेगा। इंदौर में सुबह और शाम के व्यस्ततम समय में ट्रैफिक को पार करने में 30 से 45 मिनट लगते हैं। इंदौर को पार करने से समय बचेगा। इस सड़क निर्माण का काम शुरू हो चुका है, जो मध्य प्रदेश के तीन बड़े शहरों इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर को जोड़ेगा।
ट्रैफिक डायवर्ट
इंदौर विकास प्राधिकरण मास्टर प्लान के अनुरूप सड़कों को बना रहा है। MR-12 सड़क 6 लेन की होगी। यह सड़क 9 किलोमीटर की होगी। एमआर-12 सड़क पर उज्जैन-ओंकेश्वर जाने वाले लोगों को ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा। इंदौर से लोग महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग को देखने के लिए इंदौर से गुजरते हैं, लेकिन नई सड़क से उज्जैन रोड और बाइपास रोड को एक साथ जोड़ दिया जाएगा, जिससे इंदौर में जाने की जरूरत ही नहीं रहेगी।
एमआर-12 सड़क 200 करोड़ से अधिक की लागत से बनाई जाएगी। इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि सिर्फ रेलवे क्रासिंग और ब्रिज का खर्च करीब 100 करोड़ रुपए होगा। एमआर-12 सड़क बायपास का आरंभ अरंडिया गांव से होगा। यह मार्ग कैलोद हाला, भांग्या और कुमेड़ी होते हुए इंदौर उज्जैन रोड से जुड़ जाएगा। इंदौर के संभागायुक्त दीपक सिंह ने कहा कि सिंहस्थ 2028 से पहले यह छह लेन पूरा हो जाएगा। इसके बनने से उज्जैन से आने वाले लोगों को खंडवा या सेंधवा साइड जाने के लिए इंदौर में जाना पड़ेगा। वे इंदौर बाइपास से सीधे जुड़े हुए निकल जाएंगे।
एमआर-12 से यह भी फायदे –
अभी एमआर-11 से होते हुए भारी वाहन सुखलिया होते हुए लवकुश चौराहा तक जाते हैं। एमआर-12 के बन जाने से यह दिक्कत खत्म हो जाएगी जिससे इंदौर शहर में भारी वाहनों का दबाव कुछ कम होगा।
बाइपास और सांवेर रोड के आसपास के लोगों को चौड़ी 6 लेन सड़क मिलेगी।
6 लेन के आसपास बसाहट तेज होने से रियल एस्टेट सेक्टर में भी उछाल आएगा।