UP और Bihar वालों के लिए ख़ुशखबरी, यहां बिछेगी नई रेल लाइन, सर्वे कार्य होगा शुरू

UP News : आरा-बलिया के बीच बनने वाली नई रेल लाइन 62 किलोमीटर लंबी होगी। गोरखपुर रेलवे बोर्ड और पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय को तीन महीने में फाइनल सर्वे रिपोर्ट (एफएसएल) बनाने को कहा गया है। लाइन बनने से दो राज्यों को जोड़ा जाएगा और आरा बलिया को बलिया हावड़ा दिल्ली से जोड़ा जाएगा।

 

Uttar Pradesh : गत वर्ष आरा-बलिया रेलवे लाइन की सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की गई थी। बताया गया था कि उस पार आरा के मसाड़ हाल्ट, धमाड, उमराव गंज, धनवल और नैनीजोर गंगा के स्टेशन होंगे। इसके पार सोहिलपुर और कृपालपुर रेलवे स्टेशन बनेंगे। रेलवे लाइन हल्दी के पूरब नैनीजोर से गंगा पार कर बलिया पहुंचेगी। कृपालपुर और नैनीजोर स्टेशन के बीच लगभग साढ़े तीन किमी की दूरी होगी।

रेलवे लाइन की अंतिम सर्वे रिपोर्ट (एफएसएल) बनाने के लिए गति शक्ति के संयुक्त निदेशक अभिषेक जगवत ने गोरखपुर रेल मंडल को दो दिन पहले पत्र लिखा है, जिसमें एक करोड़ पच्चीस लाख रुपये की धनराशि मिली है। एफएसएल से ही आरा से बलिया रेल लाइन के लिए किस स्थान पर पुल, पुलिया, स्टेशन और हाल्ट बनाए जाएंगे, इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। यह रिपोर्ट तीन महीने के भीतर भेजी जानी चाहिए। नई रेल लाइन का टेंडर, भूमि अधिग्रहण और अन्य कार्य एफएसएल के बाद होंगे। नई ट्रेन आरा, बक्सर और बलिया के दियारा क्षेत्र के लिए वरदान होगी। इससे बलिया, हावड़ा और दिल्ली की मुख्य लाइन जुड़ जाएगी।

सांसद ने रेल मंत्री से बातचीत की

दिसंबर में बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे चेयरमैन जया वर्मा सिन्हा से मुलाकात कर नई रेलवे लाइन को जल्द से जल्द स्वीकृत करने की मांग की। पिछले वर्ष सर्वे रिपोर्ट बनाई गई थी और परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी थी। पिछले वर्ष इसके सर्वे के लिए 78 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। सर्वे ने अपना काम पूरा किया है। सांसद चाहते हैं कि इस रेल लाइन का निर्माण जल्द से जल्द शुरू हो। नई रेल लाइन का निर्माण चार महीने में शुरू करने का लक्ष्य है।

नई रेल लाइन की मंजूरी में 55 वर्ष लग गए

बलिया से आरा को जोड़ने वाली नई रेल लाइन को स्वीकृति मिलने में पाँचपाँच वर्ष लगे। भाजपा सरकार ने कांग्रेस की सरकार में प्रस्तावित ये परियोजनाओं को मंजूरी दी। उस समय बलिया-आरा रेल लाइन बनाने का प्रस्ताव पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की सरकार में रेल मंत्री राम शुभग सिंह ने सरकार को प्रस्तुत किया था, लेकिन प्रस्ताव अस्वीकार हो गया। तब से, आरा-बलिया रेलवे लाइन का मामला पांचपाँच वर्षों से बंद था। वर्तमान सरकार ने सर्वे के लिए 78 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। 

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गति शक्ति ने बकुलहा-आरा वाया महुली का भी सर्वे किया था।बकुलहा-महुली वाया आरा के रास्ते में दो जगह दलदली जमीन पाई गई थी। इसलिए बलिया-आरा वाया नैनिजोर तक एक नई रेल लाइन बनाने को मंजूरी मिली। आगामी चार वर्षों में यह रेल लाइन बनकर तैयार हो जाएगी। कुल मिलाकर सात स्टेशन बनेंगे।