UP में नई रिंग रोड के लिए इस जिले के किसानों से खरीदी जाएगी जमीन, 24 मीटर होगी चौड़ी सड़क
UP News : उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ सालों में सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। सरकार के इस बेहतरीन प्रयास के चलते लोगों का आवागमन पहले से काफी ज्यादा बेहतर हुआ है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के इन जिलों के बीच नई रिंग रोड बनने जा रही है।
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में नए रिंग रोड का निर्माण राज्य में यातायात प्रबंधन और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) हापुड़ रोड से दून बाईपास तक बनाने वाली रिंग रोड की मरम्मत करेगा। मेडा को 150 से 200 करोड़ रुपये का हिस्सा देना ही शासन से धन मिलेगा। बैठक में आय कमाने के उपायों पर चर्चा हुई। सड़क की चौड़ाई 24 मीटर है। भूमि अधिग्रहण और निर्माण में उद्यमियों का सहयोग लिया जाएगा।
शासन ने लगभग फैसला किया है कि हापुड़ रोड से जुर्रानपुर, दिल्ली रोड होते हुए दून बाईपास तक रिंग रोड का पूरा खर्च मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) को देना होगा पीडब्ल्यूडी को शासन से धन मिलेगा जब मेडा अपना हिस्सा जुटा लेगा। मेडा को 150 से 200 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। शुक्रवार को मेडा सभागार में पहली बैठक हुई, जिसमें इस धनराशि को कैसे व्यवस्थित किया जाएगा।
राजस्व उपायों पर चर्चा करने के लिए विकासकर्ताओं की बैठक हुई। निवेश और राजस्व की संभावना पर व्यापक चर्चा के बाद 22 फरवरी को अगली बैठक करने पर बात बनी। अंतिम निर्णय अगली बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों के साथ लिया जाएगा। रिंग रोड की चौड़ाई 24 मीटर होने की तैयारी है।
इन मुद्दों पर निर्णय जनप्रतिनिधियों के साथ किया जाएगा।
22 फरवरी को होने वाली अंतिम बैठक में राजस्व प्रणाली का निर्णय होगा।
मेडा कुछ नियमों को छोड़ सकता है।
किस शुल्क को बढ़ा सकता है?
सड़क चौड़ाई 45 मीटर या 24 मीटर से कम होनी चाहिए।
सड़क तैयार करने के लिए अधिकतम समय सीमा क्या हो सकती है?
क्या उद्यमी, विकासकर्ता आदि से विकास शुल्क के रूप में अग्रिम धनराशि प्राप्त करना उचित होगा?
45 मीटर चौड़ी सड़क के लिए 291 करोड़ रुपये चाहिए
रिंग रोड को 45 मीटर चौड़ा बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी ने 291 करोड़ रुपये की जमीन खरीदने का प्रस्ताव भेजा था। सड़क बनाने के लिए 75 करोड़ रुपये का प्रस्ताव था, जिसमें नाली, पुलिया, नाला और लाइटिंग शामिल थीं। इतना धन देने से शासन ने मना कर दिया है।
शासन से 50 करोड़ रुपये जमीन खरीदने और सड़क बनाने के लिए 25 से 50 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार, पीडब्ल्यूडी को लगभग 100 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। यदि सड़क इतनी चौड़ी होती है तो मेडा को जमीन अधिग्रहण के लिए 240 करोड़ रुपये जुटाने होंगे।
जमीन खरीदी जाएगी
रिंग रोड अब 24 मीटर की जगह 45 मीटर चौड़ी होगी। मेडा को इसके लिए सिर्फ 150 करोड़ रुपये जुटाने होंगे। रिंग रोड एलाइनमेंट से संबंधित औद्योगिक भूउपयोग की जमीन को बिक्री के लिए प्रोत्साहित करने से मेडा के विभिन्न मानचित्रों को इतना पैसा मिलेगा। इस प्रकार जमीन लगभग 200 करोड़ रुपये में खरीदी जाएगी। पीडब्ल्यूडी फिर सड़क बनाएगा। यद्यपि 24 मीटर की जमीन खरीद दी जाएगी, लेकिन दोनों तरफ 10 मीटर की जगह दी जाएगी ताकि भविष्य में जरूरत पड़ी तो खरीद सकें।
100 हेक्टेयर जमीन पूठा को मिलेगी
रिंग रोड का दूसरा भाग दिल्ली रोड से वेदव्यासपुरी की 45 मीटर चौड़ी सड़क तक होगा। इसका आकार लगभग 1.2 किमी है। यहाँ औद्योगिक क्षेत्र में लगभग सौ हेक्टेयर जमीन है। सड़क नहीं होने से औद्योगिक क्षेत्र की जमीन बिकी नहीं है। भूमि किसानों की है।
उद्यमी इस जमीन को खरीदना चाहेंगे जब रिंग रोड बनाई जाएगी। राजस्व प्राप्त करने के लिए उद्यमियों से संबंधित जमीन खरीदने का अनुबंध किया जाएगा। जनप्रतिनिधि किसानों से जमीन बेचने पर चर्चा करेंगे। ऐसे में जमीन खरीद की प्रक्रिया शुरू होने तक इसका हल निकाला जाएगा।