राजस्थान से मध्यप्रदेश के बीच चलेगी नमो भारत रैपिड ट्रेन, मेट्रो जैसी मिलेगी सुविधाएं
 

Kota will have direct connectivity to Ujjain: राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन जल्द ही और सुगम होने वाला है। "नमो भारत" रैपिड ट्रेन के संचालन की मांग लंबे समय से की जा रही थी, और अब इस पर तेजी से काम हो रहा है।

 

Rajasthan News: पश्चिम मध्य रेलवे ने नमो भारत रैपिड ट्रेन के संचालन की मांग की है, जो कोटा को महाकाल की नगरी उज्जैन से सीधे जोड़ता है और राजस्थान से मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ाता है। लोगों ने लंबे समय से कोटा से ट्रेन चलाने की मांग की है। पश्चिम मध्य रेलवे को कोटा रेल मंडल से कोटा से उज्जैन तक एक नमो भारत रैपिड ट्रेन चलाने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा कोटा को नए वित्तीय वर्ष में देश भर में 50 नमो भारत, 100 अमृत भारत और 200 वंदे भारत ट्रेनों के संचालन से लाभ होगा, जो रेलवे बजट में शामिल होगा।

पश्चिम मध्य रेलवे ने नमो भारत रैपिड ट्रेन के संचालन की मांग की है, जो कोटा को महाकाल की नगरी उज्जैन से सीधे जोड़ता है और राजस्थान से मध्यप्रदेश की कनेक्टिविटी बढ़ाता है। लोगों ने लंबे समय से कोटा से ट्रेन चलाने की मांग की है। यही कारण है कि इस मार्ग के मापदंडों के हिसाब से नमो भारत रैपिड ट्रेन सबसे अच्छी है।

अनुमति मिलने पर करेंगे

केन्द्रीय बजट के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में देश में 50 नमो भारत, 100 अमृत भारत और 200 वंदे भारत ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। ऐसे में कोटा और इसके रेल मंडल के अन्य स्टेशन भी इससे फायदा उठाएंगे। कोटा भी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, नमो भारत ट्रेन और अमृत भारत ट्रेनों के अलॉटमेंट से फायदा उठाएगा।

31 सौ यात्रियों की क्षमता होगी

कोटा मंडल रेल प्रबंधक ललित कुमार धुरंधर ने बताया कि नमो भारत रैपिड रेल 100 से 250 किमी के बीच दो बड़े शहरों के बीच चलती है। करीब 3,100 लोग ट्रेन पर बैठ सकते हैं। इसमें से 1,100 लोग सफर कर सकेंगे और लगभग 2,000 लोग खड़े होकर सफर कर सकेंगे। मेट्रो ट्रेन में सीटिंग काफी बेहतर है। ट्रेन में खड़े रहने वाले यात्रियों के लिए इसमें अत्याधुनिक सेंसर, स्मोक सेंसर, एलईडी लाइटिंग, ऑटोमैटिक स्लाडिंग गेट, सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल और लेपटॉप चार्जर और आधुनिक इंटीरियर की सुविधाएं हैं।

कोटा-भोपाल तक राजस्थान की सीमा तक काम पूरा

ADMR ने कहा कि रामगंजमंडी-भोपाल रेलवे लाइन राजस्थान की सीमा तक पूरी हो चुकी है। फरवरी के तीसरे सप्ताह में मुय संरक्षा आयुक्त रेलवे लाइन को देखेंगे। सब कुछ तैयार है। इसमें रामगंजमंडी से खिलचीपुर तक रेलवे लाइन बिछाने का कार्य पूरा हुआ है। इस रेलवे लाइन ने पिछले महीने कोटा से घाटोली तक ट्रेन चलाना शुरू किया है।