UP में अब राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं, योगी सरकार ने शुरु की नई योजना

UP News : उत्तर प्रदेश में फैमिली आईडी कार्ड कार्यक्रम शासन द्वारा शुरू की गई एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार की पहचान और उनके विवरण को एक ही प्लेटफॉर्म पर संगठित करना है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन परिवारों के लिए लाभकारी होगा, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है।

 

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश में आम जनता के लिए बड़ी अपडेट सामने आई हैं। शासन ने फैमिली आईडी कार्ड कार्यक्रम का शुरू किया है। जिन परिवारों ने राशन कार्ड नहीं बनाया है, वे इससे विशेष लाभ उठाएंगे। यह पारिवारिक आईडी कार्ड बारह अंकों का होगा। इस कार्ड में पूरे परिवार का विवरण होगा। ब्लॉक के ग्राम सचिव और पंचायत सहायक को पारिवारिक आईडी कार्ड बनाने का काम सौंपा गया है।

सरकारी कार्यक्रमों से लाभ मिल सकेगा

शासन ने परिवार आईडी कार्ड कार्यक्रम शुरू किया है। इससे योग्य परिवारों को सरकारी कार्यक्रमों से लाभ मिल सकेगा। इसका कार्ड बारह अंकों का होगा। पूरे परिवार का विवरण इसमें होगा। इसे बनाने का लक्ष्य सहायक विकास अधिकारी पंचायत और ग्राम सचिवों को दिया गया है। इससे योग्य परिवारों को सरकारी कार्यक्रमों से लाभ मिलेगा। इससे उनका बहुत फायदा होगा।

जिन परिवारों का राशन कार्ड नहीं बना है, अब उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे परिवारों के फैमिली आईडी कार्ड बनाने की जिम्मेदारी शासन ने ब्लॉक के ग्राम सचिव और पंचायत सहायक को दी है। जिन परिवारों ने राशन कार्ड नहीं बनाया है, इन लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी। इसलिए आईडी कार्ड का विवरण दिया जा रहा है।

इन लोगों की प्राथमिकता

जिन परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, वे फैमिली आइडी में पंजीयन कर सकते हैं। पंचायत सचिव लक्ष्य हैं। हर दिन इसकी जांच की जाती है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, विधवा, दिव्यांग और पेंशन धारकों को प्राथमिकता दी जाती है।

आप ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं

वेबसाइट पर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधार लिंक मोबाइल नंबर चाहिए। एक पहचान फैमिली आईडी कार्यक्रम के तहत परिवारों का लाइव डाटाबेस बनाया जा रहा है। प्रत्येक परिवार को फैमिली आईडी होना चाहिए, जिससे वे सरकारी कार्यक्रमों से लाभान्वित हो सकें। नवंबर से फैमिली आइडी बनाने कार्य शुरू हैं। अब तक लगभग 200 पारिवारिक आईडी कार्ड बनाए गए हैं। फैमिली आईडी कार्ड बनाया जा रहा है, जिला पंचायत राज अधिकारी श्रीकांत दर्वे ने बताया। इसके लिए आवश्यक दिशानिर्देश सचिवों को दिए गए हैं। इसकी भी जांच की जा रही है।

खास बातें

17 ब्लॉक (विकास खंड)

जिले में कुल 17 ब्लॉक हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और प्रशासनिक कार्यों की देखरेख करते हैं।

1,148 ग्राम पंचायतें

जिले में 1,148 ग्राम पंचायतें हैं, जो ग्रामीण विकास और स्थानीय शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

17 बीडीओ (खंड विकास अधिकारी)

प्रत्येक ब्लॉक में एक खंड विकास अधिकारी (B.D.O) तैनात है, जो प्रशासनिक योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी का कार्य करते हैं।

197 सचिवों की निगरानी

विभिन्न योजनाओं और पंचायत कार्यों की निगरानी के लिए 197 पंचायत सचिव काम कर रहे हैं। ये सचिव ग्रामीण योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं।

1,024 से अधिक सहायिकाएं

1,024 सहायिकाएं ग्रामीण विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं में मदद के लिए तैनात हैं।

25 लाख से अधिक आबादी

जिले की कुल जनसंख्या 25 लाख से अधिक है, जो इसे प्रशासनिक रूप से एक बड़ा और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र बनाती है।