UP के लाखों घरों को रोशन करेगा ये 296 किमी का एक्सप्रेसवे, करेगा बिजली पैदा
UP News : उत्तर प्रदेश में विकास की नई परियोजनाओं को उतारा जा रहा है। UP में 800 मेगावॉट सौर ऊर्जा प्लांट के सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के लिए धनराशि मंजूर की गई है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने और पर्यावरणीय स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक विकास में भी मदद करेगी।
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में 800 मेगावॉट सौर ऊर्जा प्लांट की स्थापना के लिए तेजी से काम कर रही है। इस परियोजना के तहत सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है। चित्रकूट में 800 मेगावॉट सौर ऊर्जा प्लांट के सबस्टेशन और ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण के लिए धनराशि मंजूर की गई है। 620 करोड़ रुपये की लागत से सौर ऊर्जा परियोजना को और बल मिलेगा।
बुंदेलखंड में नई विकास परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। शुक्रवार को कोनगर विकास और ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने कहा कि बुंदेलखंड एक बहुत बड़ा सौर ऊर्जा पोटेंशियल है। वर्तमान में चार हजार मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजनाएं कार्यान्वयन के विभिन्न स्तरों पर हैं। फिलहाल 800 मेगावॉट की एक परियोजना चित्रकूट में निर्माणाधीन है। भारत सरकार की ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर से ऊर्जा निकाली जाएगी। 400/220 केवी और 500 एमवीए की दो लाइनें इसके लिए बनाई जाएंगी। इनके लिए मंत्रीपरिषद् ने अनुमोदन दिया है। इसके लिए 619.90 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इससे सभी ट्रांसमिशन लाइनें और स्टेशन बनाए जाएंगे।
भारत सरकार का सहयोग
भारत सरकार इसमें सहायक है। भारत सरकार इसमें 33 प्रतिशत, या 204.57 करोड़ रुपए, कैपिटल ग्रांट के रूप में देगी। वहीं राज्य सरकार 20 प्रतिशत, या 23.98 करोड़ रुपए, इक्विटी के रूप में खर्च करेगी। साथ ही, जर्मनी की संस्था KFW से 47 प्रतिशत या 291.35 करोड़ रुपए का लोन लेकर इसका कार्यान्वयन किया जाएगा। उनका कहना था कि भारत सरकार ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर में 4000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूर किया है, जिसमें ये काम भी चल रहे हैं।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे विद्युत उत्पादन करेगा
296 किलोमीटर की दूरी पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। यह देश का पहला सोलर एक्सप्रेसवे होगा। यह परियोजना पूरी होने से लगभग एक लाख घरों को बिजली मिलेगी। इसके लिए जमीन अधिग्रहण के लिए जमीन चिह्नित किया गया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश के सात जिलों चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से गुजरता है। ईसी को सोलर एक्सप्रेसवे बनाने का प्रस्ताव पारित हो गया है। इसके लिए 8 सोलर पॉवर डेवलपर्स टास्को, टोरेंट पावर, सोमाया सोलर साल्यूशन, आर मैनेजमेंट, अवाड़ा एनर्जी, एरिया वृंदावन पावर, एरियाश मोबिलिटी और महाप्राइट ने प्रजेंटेशन दिया है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) में सोलर प्लांट लगाए जाएंगे, जो पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत होगा। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर मुख्य मार्ग और सर्विस लेन के बीच 15 से 20 मीटर चौड़ी पट्टी वाला क्षेत्र खाली है। इसलिए, इसी बेल्ट पर सोलर पैनल स्थापित करके 550 मेगावॉट सोलर पावर उत्पादित किया जाएगा।