UP के 100 गांवों से जमीन अधिग्रहण करके बिछेगी मेट्रो लाइन, बनेंगे 39 स्टेशन, किसानों को मिलेगा उचित मुआवजा
 

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के लोगों को जल्द ही नई मेट्रो सेवा का तोहफा मिलने वाला है। जानकारी के अनुसार, इस नई मेट्रो लाइन को शुरू करने के लिए करीब 100 गांवों से किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रस्तावित मेट्रो लाइन पर कुल 39 स्टेशन बनाए जाएंगे। 

 

UP News: उत्तर प्रदेश के लोगों को जल्द ही नई मेट्रो सेवा का तोहफा मिलने वाला है। जानकारी के अनुसार, इस नई मेट्रो लाइन को शुरू करने के लिए करीब 100 गांवों से किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। प्रस्तावित मेट्रो लाइन पर कुल 39 स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना से न सिर्फ ग्रामीण और शहरी इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि लाखों लोगों को यातायात की नई सुविधा भी मिलेगी। मेट्रो लाइन बनने के बाद यात्रियों को ट्रैफिक जाम से राहत और तेज़ व सुरक्षित सफर का अनुभव मिलेगा।

मेट्रो नेटवर्क विस्तार को मिलेगी मजबूती 

योगी सरकार उत्तर प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क को विस्तार देने के लिए तेजी से काम कर रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब 100 गांवों से किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी। सरकार ने साफ किया है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। सरकार का दावा है कि जैसे ही भूमि अधिग्रहण और अन्य औपचारिकताएं पूरी होंगी, निर्माण कार्य को गति दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह परियोजना तय समयसीमा में पूरी होगी और आने वाले वर्षों में प्रदेशवासियों को नई मेट्रो लाइन का बड़ा तोहफा मिलेगा। मेट्रो का यह नेटवर्क बनने के बाद लाखों लोगों को सीधे लाभ होगा और प्रदेश की कनेक्टिविटी और तेज़ एवं सुरक्षित हो जाएगी।

कहाँ नई मेट्रो लाइन बनाई जाएगी?

दरअसल, यूपी के प्रयागराज में लाइट मेट्रो (Prayagraj Light Metro) परियोजना का निर्माण तेज हो गया है। अब यहां भूमि अधिग्रहण के लिए एक मेट्रो काउंसिल बनाई जाएगी, जिसमें 30 लोग होंगे, और 44 किलोमीटर के दो रूटों पर 39 स्टेशन बनाए जाएंगे। इसके लिए किसानों को सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। लाइट मेट्रो (Light Metro) का संचालन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण बमरौली से झूंसी सिटी लेक तक होगा।

भूमि अधिग्रहण जल्द शुरू होगा

स्मार्ट सिटी प्रयागराज में लाइट मेट्रो को साकार करने की चर्चा तेज हो गई है। नई मेट्रो स्टेशन की जगह पहले से तय है। अब ट्रैक और स्टेशन के निर्माण के लिए जल्द ही जमीन मिलेगी। भूमि अधिग्रहण करने के लिए एक मेट्रो काउंसिल बनाया जाएगा। काउंसिल की जमीन का अधिग्रहण जल्द शुरू होगा। भूमि अधिग्रहण के लिए गठित होने वाली मेट्रो काउंसिल में 10 संबंधित विभागों के अधिकारी और प्रमुख सचिव नगर विकास और राज्य निर्वाचन आयुक्त सहित 30 सदस्य होंगे। साथ ही 20 लोगों को काउंसिल में शामिल किया जाएगा।

8747 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान 

लखनऊ में पिछले गुरुवार को प्रयागराज में लाइट मेट्रो के संचालन पर चर्चा हुई। नगर निगम के मुख्य अभियंता और नगर आयुक्त साईं तेजा ने बैठक में भाग लिया और सीएम ग्रिड योजना के तहत जो सड़कें बनाई जाएंगी, उन पर चर्चा हुई। इस दौरान दो रूटों पर शहर में 44 किलोमीटर की दूरी पर लाइट मेट्रो चलेगी। ध्यान दें कि UP Light Metro Updates में दोनों रूटों को मिलाकर 39 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिसमें मुख्य स्टेशन परेड मैदान में होगा। लाइट मेट्रो (Light Metro) के संचालन में 8747 करोड़ रुपये खर्च हो सकते हैं।

इस मेट्रो लाइन को बमरौली से सिटी लेक झूंसी तक 23 किलोमीटर और शांतिपुरम से छिवकी तक 21 किलोमीटर चलेगा। परियोजना के लिए लगभग सौ गांवों के काश्तकारों से जमीन ली जाएगी, जिसके लिए उनको चार गुना सर्किल रेट का मुआवजा दिया जाएगा।

कितने चरणों में काम होगा?

जानकारी के मुताबिक, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत ट्रैक और स्टेशन निर्माण की जद में आने वाले मकानों और जमीनों के लिए किसानों को उनकी जमीन की कीमत का दो गुना मुआवजा दिया जाएगा। अपर नगर आयुक्त ने बताया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया सबसे पहले बमरौली, झूंसी, फाफामऊ और नैनी क्षेत्र में शुरू होगी। यहां पर ट्रैक और स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे हजारों लोगों को सीधी सुविधा मिलेगी। इस परियोजना के तहत लाइट मेट्रो का संचालन दो फेज में कराया जाएगा। पहले चरण में प्राथमिक रूट पर काम शुरू होगा और फिर दूसरे फेज में इसे और विस्तारित किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस परियोजना से न केवल प्रदेशवासियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलेगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी नई गति मिलेगी। रेल लाइन के पहले फेज में बमरौली से झूंसी सिटी लेक तक 20 स्टेशन बनाए जाएंगे। वहीं 19 स्टेशन शांतिपुरम से छिवकी तक बनाए जाएंगे। इसके एक स्टेशन पर एक से दो मिनट तक लाइट मेट्रो स्टापेज होगा।

बमरौली से शहर तक इतने स्टेशन होंगे

23 किमी तक की सड़क में कई स्टेशन होंगे। इन स्टेशनों में बमरौली, शमीम मार्केट, ट्रांसपोर्टनगर, गयासुद्दीनपुर, मीरापट्टी, वसुंधरा विहार कालोनी, सोबेदारगंज, धूमनगंज, एल रोड, मेडिकल कालेज चौराहा, मधवापुर, प्रयागराज जंक्शन, सिविल लाइंस, संगम, आजाद नगर, झूंसी, त्रिवेणीपुरम और सिटी लेक फारेस्ट स्टेशन शामिल हैं।

इतने स्टेशन छिपकर शांतिपुरम तक आएंगे

21 किमी शांतिपुरम से छिवकी मार्ग में गंगानगर, फाफामऊ, प्रीतमनगर, एमएनएनआईटी, परेड मैदान, मिंटो पार्क, तेलियरगंज, यूनिवर्सिटी रोड, कर्नलगंज, मजार चौराहा, आईवी, प्रीतमगंज, महेवा पट्टी, अंबेडकर नगर, अरैल, नैनी बाजार रोड, नैनी और छिवकी स्टेशन शामिल हैं।

Light Metro को जानें

लाइट मेट्रो में केवल 3 कोच होते हैं। इन तीनों डिब्बों में एक साथ 200 से 300 यात्री आराम से सफर कर सकते हैं। इसका ट्रैक ज्यादातर सड़क के समानांतर जमीन पर बनाया जाता है। इसलिए जहां सड़क और फुटपाथ की चौड़ाई कम होती है, वहां भी इसका संचालन आसान रहता है। लाइट मेट्रो का स्टेशन दिखने में सामान्य मेट्रो स्टेशन जैसा ही होता है, लेकिन इसका आकार और दायरा छोटा होता है। इस वजह से इसका निर्माण भी अपेक्षाकृत तेज़ी से हो जाता है।

मेट्रो टिकट की कीमत

प्रयागराज मेट्रो के लिए टिकट योजना अभी नहीं बनाई गई है। लेकिन आगरा मेट्रो की तरह ही टिकट की कीमतें निर्धारित की जाएंगी। कम समय में शहर को चारों ओर घूमकर नजारा ले सकते हैं। यह खासकर छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए काफी सुविधापूर्ण होगा। 

इस मेट्रो प्रोजेक्ट के पूरा होने से शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा। प्रयागराज मेट्रो परियोजना के उद्घाटन से संबंधित स्टेशनों के आसपास रियल स्टेट कारोबार भी बढ़ गया है। मेट्रो कॉरिडोर के आसपास जमीन की कीमतें अभी भी बहुत तेजी से बढ़ रही हैं।

मेट्रो स्टेशनों के आसपास बहुत सारे बाजार हैं। यात्रियों को स्टेशनों पर खाने-पीने के लिए बाहर की दुकानें मिल जाएंगी। स्टेशनों के नीचे कई बाहरी दुकानें खुलने से यात्रियों को आराम मिलेगा। इस मेट्रो प्रोजेक्ट से शहर की अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी और लोगों के लिए सफर आसान होगा।