Bank Rules : आपके अकाउंट में गलती से आए पैसे का बैंक क्या करता हैं, जाने नियम
 

गलती से किसी के खाते में पैसे ट्रांसफर होने का अर्थ नहीं है कि वह आपके पैसे का मालिक बन गया है। IPC की धारा 406 के तहत कार्रवाई की जा सकती है अगर कोई व्यक्ति इस तरह की स्थिति में खर्च करता है।आइए इसके बारे में विस्तार से जानें।

 

The Chopal : हमारे देश में बैंकों द्वारा गलत बैंक खाते में पैसे डालने की खबरें अक्सर आती रहती हैं। नोएडा में भी एक प्राइवेट बैंक ने गलती से 26 लाख रुपये एक व्यक्ति के बैंक अकाउंट में डाल दिए। वह व्यक्ति सारे पैसे अपने खाते से निकाल चुका है और बैंक से पैसे वापस करने से इनकार कर रहा है। ऐसे में, बैंक को इस व्यक्ति से पैसे वापस लेने का क्या कानूनी अधिकार है? उस व्यक्ति ने सारे पैसे खर्च कर दिए तो?

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गलती से आपके बैंक खाते में पैसे आने का मतलब यह नहीं है कि आप उस पैसे के मालिक हो गए हैं। कानून के अनुसार, आपको उस रकम को वापस करना होगा। अगर आप इस धन को वापस नहीं करते हैं, तो बैंक आपके खिलाफ धारा 406 के तहत मामला दर्ज कर सकता है। दोषी ठहराया गया है तो आपको तीन साल की सजा हो सकती है।

क्‍या कहती है धारा 406

अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की प्रॉपर्टी या किसी भी प्रकार के पैसे पर थोड़े समय के लिए अधिकार मिलने पर उसका गलत इस्तेमाल करे, उस प्रॉपर्टी या पैसे को खर्च करे या किसी फर्जी तरीके से अपने नाम करवा ले, तब उसके खिलाफ IPC की धारा 406 के तहत एक्शन लिया जाता है. बैंक अकाउंट में गलती से आए पैसे को न लौटाने पर ही इस धारा के तहत मामला दर्ज कराया जा सकता है.

यही नहीं धारा 406 के साथ ही सिविल प्रक्रिया संहिता की धारा 34 और 36 के तहत पैसे की रिकवरी का केस भी फाइल कराया जा सकता है जब कोर्ट उस व्यक्ति को IPC के सेक्शन 406 के तहत सजा सुना देगी. उसके बाद सिविल प्रोसिजर कोर्ट में रिकवरी सूट फाइल करना होता है. फिर कोर्ट आरोपी की हर तरह की प्रॉपर्टी देखेगा, उसे अटैच करेगी और फिर उस प्रॉपर्टी के जरिए पैसों की रिकवरी की जाएगी.

आपसे गलत खाते में पैसे हो जाएं ट्रांसफर तो क्‍या करें?

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक, अगर आपसे गलती से गलत खाते में पैसे ट्रांसफर हो जाए तो आप अपने बैंक में शिकायत जल्‍द से जल्‍द करें. इसके बाद में 48 घंटे के अंदर आपका पैसा आपको मिल जाएगा. इसके साथ ही ग्राहक को अपने सर्विस प्रोवाइडर जैसे पेटीएम, फोनपे और गूगलपे आदि को भी रिपोर्ट करनी चाहिए. आपने जिस भी माध्यम से पैसा ट्रांसफर किया है उसके कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करनी चाहिए.