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किसान आंदोलन के 100 दिन- गांवों में मनाया काला दिवस, यह बोले ग्रामीण…

कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहें है कल शनिवार को आंदोलन को 100 दिन पूरे हुए है इसी पर अखिल भारतीय किसान सभा के तत्वाधान में किसान आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर गांवों में काला दिवस मनाया गया व केंद्र सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों
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किसान आंदोलन के 100 दिन- गांवों में मनाया काला दिवस, यह बोले ग्रामीण…

कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन कर रहें है कल शनिवार को आंदोलन को 100 दिन पूरे हुए है इसी पर अखिल भारतीय किसान सभा के तत्वाधान में किसान आंदोलन के 100 दिन पूरे होने पर गांवों में काला दिवस मनाया गया व केंद्र सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में निदा की.

किसान आंदोलन के 100 दिन- गांवों में मनाया काला दिवस, यह बोले ग्रामीण… सभा की और से संगठन को मजबूत करने के लिए दुर्जनपुर, काजला, मलापुर व लाडवी गांवों में सदस्यता अभियान चलाया गया व गांवों में कमेटियों का गठन किया गया. किसान सभा की सदस्यता लेने के लिए किसानों में भारी उत्साह रहा. किसानों ने किसान नेताओं के समक्ष बीमा कम्पनी पर बीमा राशि देने में गड़बड़ी किए जाने की शिकायत की व जल्द से जल्द पूरा मुआवजा दिलाने की मांग की. दुर्जनपुर गांव में गठित की गई कमेटी का संयोजक राजेन्द्र मील व सह-संयोजक संदीप रिण्वा को बनाया गया,

बता दें की काजला गांव की कमेटी का प्रधान धर्मपाल फौजी को, सचिव सुनील कुमार व कोषाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह को बनाया गया. मलापुर गांव का संयोजक अजीत सिंह पूनिया को बनाया गया. लाडवी गांव की कमेटी के चुनाव में घड़सीराम को प्रधान, महेन्द्र सिंह नम्बरदार को सचिव, पृथ्वीसिंह को कोषाध्यक्ष , सुभाष व कुलदीप सिंह को सहसचिव एवं मांगेराम बल्हारा व पूर्णसिंह को उपप्रधान चुना गया.

किसान सभाओं को संबोधित करते हुए सभा के जिला प्रधान शमशेर सिंह नम्बरदार ने कहा कि 8 मार्च को किसान महापंचायत में भारी संख्या में भाग लेने को कहाँ. जिला सचिव सतबीर धायल ने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि बीमा राशि को जल्द से जल्द ठीक किया जाए नहीं तों किसान सभा संयुक्त मोर्चा के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन चलाएगी. सभाओं में हिसार तहसील के सचिव रमेश मिरकां , वजीर सिंह पूनिया , सतपाल श्योराण, रामफल व राममेहर पूनिया आदि भी उपस्थित थे,

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