सिरसा जिले का जोगीवाला गांव, 254 वर्ष पहले ज्ञाना राम खेतलाण ने बसाया, 36 बिरादरी का संगम
Jogiwala Village History (Sirsa) : हरियाणा के सिरसा जिले के आखिरी छोर पर बसा जोगीवाला गांव 250 वर्ष पहले राजस्थान से आए ज्ञाना राम खेतलाण द्वारा बसाया गया था. 3700 की जनसंख्या और 2500 मतदाताओं वाला ये गांव 36 बिरादरियों का संगम है. जिसमें खेतलाण, बैनीवाल, कुम्हार और मेघवाल गोत्र प्रमुख है. ग्रामीण सुभाष बैनीवाल बताते हैं कि जरनानाथ महाराज की कृपा से गांव ओलावृष्टि और टिड्डी दल जैसी प्राकृतिक आपदाओं से बचा रहा. प्राचीन हनुमान मंदिर, शिव मंदिर, सती दादी मंदिर और जरनानाथ महाराज की समाधि गांव को दार्शनिक महत्व प्रदान करती है.
गांव में सुविधाएं
जोगीवाला में विकास की तस्वीर साफ दिखती है. 80% साक्षरता दर के साथ गांव में सीनियर सेकेंडरी स्कूल, लाइब्रेरी, पशु अस्पताल, जलघर, 4 जोहड़ खेल का मैदान और गौशाला मौजूद है. सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी अच्छी है जो गांव को जिला मुख्यालय सिरसा (42 किलोमीटर) और नाथूसरी चौपटा (20 किलोमीटर) से जोड़ती है. कृषि पशुपालन और मजदूरी गांव की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है.
गांव की प्रमुख समस्याएं : स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी जोगीवाला की सबसे बड़ी चुनौती है. कोई स्वास्थ्य केंद्र ने होने के कारण ग्रामीणों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए 20 किलोमीटर दूर नाथूसरी चौपटा या फिर 42 किलोमीटर दूर सिरसा शहर जाना पड़ता है. ग्रामीणों की प्रशासन से स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की मांग है. इसके अलावा गांव में बेरोजगारी और युवाओं के लिए कौशल विकास के अवसरों की कमी भी चिंता का विषय है.
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं: स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास केंद्र की स्थापना से जोगीवाला की प्रगति को और बल मिल सकता है उच्च साक्षरता और सामुदायिक एकजुट के साथ ये गांव हरियाणा के अन्य गांव के लिए प्रेरणा बन सकता है.
धार्मिक और सामाजिक समृद्धि
गांव में हनुमान मंदिर, शिव मंदिर, सती दादी मंदिर और जरनानाथ महाराज की समाधि धार्मिक आस्था के केंद्र है 36 बिरादरियों का आपसी भाईचारा गांव की सामाजिक एकता का आधार है ग्रामीण एक दूसरे के सुख-दुख में भागीदार बनते हैं जो सामुदायिक ताकत को दर्शाता है.
जोगीवाला पंचायत का लेखा-जोखा
| जनसंख्या | 3700 |
| मतदाता | 2500 |
| साक्षरता दर | 80% |
| जिला मुख्यालय से दूरी | 42 किमी |
| कनेक्टिविटी | सड़क मार्ग |
| पहचान | प्राचीन हनुमान मंदिर |
| आय का प्रमुख स्रोत | कृषि, पशुपालन, मजदूरी |
सर्वसम्मति से चुनी पंचायत
गांव की पंचायत सर्वसम्मति से चुनी गई है, और सरपंच श्मेशता अनिल बेनीवाल क्षेत्र की सबसे पढ़ी-लिखी सरपंच है. उन्होंने बताया कि गांव में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाता है, और इसे आदर्श गांव बनाने का लक्ष्य है. गांव की सक्रियता और ग्रामीणों का सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
