सपा को अलविदा कह शंकरी सिंह बने भाजपा का हिस्सा, सरोजनी की सींट पर सपा को होगा बड़ा नुकसान
THE CHOPAL
उत्तरप्रदेश| उत्तरप्रदेश में चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं लेकिन अभी दलबदलो राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। भाजपा के कई बड़े नेताओं ने जहां सपा का हाँथ थाम लिया है वहीं सपा के कई नेता भाजपा परिवार का हिस्सा बन गए। सिर्फ इतना ही नहीं सपा से मुलायम सिंह यादव की बहू अपर्णा यादव के भाजपा में शामिल होने के बाद लोग यह कयास लगा रहे हैं की अब सपा को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा।अब इसी बीच आज सपा को एक और बड़ा झटका लगा और सरोजनी नगर से टिकट न मिलने पर इनकी पार्टी से रुष्ट हुए शिवशंकर सिंह उर्फ शंकरी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली।
बता दें जब शंकरी सिंह ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की तब उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा वहां मौजूद थे उन्होंने उन्हें भाजपा परिवार का हिस्सा बनाया। शंकरी के भाजपा का हिस्सा बनने से सरोजनी नगर सींट से सपा को बड़ा नुकसान हुआ है क्योंकि इन इलाकों चौहान का कहा जाता है वहीं शंकरी सिंह का इस इलाके में दबदबा था। उन्होंने 2017 में बसपा की टिकट से चुनाव लड़ा था और इन्होंने 71719 वोट प्राप्त किए। यहां से हार मिलने के बाद यह सपा का हिस्सा बने और जब सपा ने इन्हें टिकट नहीं दिया तो यह आज भाजपा में शामिल हो गए।
जाने राजराजेश्वर को इससे कितना होगा फायदा:-
भाजपा ने सरोजनी नगर सींट से स्वाती सिंह का टिकट काटकर नए प्रत्याशी के रूप में राजराजेश्वर सिंह को मैदान में उतारा है। इनके विपक्ष में यहां से कई बार जिला पंचायत का चुनाव जीत चुके कांग्रेस प्रत्याशी रुद्र दमन सिंह बब्लू हैं। बब्लू सिंह का ग्रामीण क्षेत्र में व्यक्तिगत व्यवहार है। लेकिन शंकरी के भाजपा परिवार का हिस्सा बनने से अब यह उम्मीद है की राजराजेश्वर सिंह की सरोजनी नगर में धमक बनेगी और इनका वोट बैंक मजबूत होगा। लोग अब यह भी कयास लगा रहे हैं की इस सींट पर बसपा भाजपा और कांग्रेस के मध्य कांटे की टक्कर होगी क्योंकि तीनो प्रत्याशी जनता और जमीन से जुड़े हुए हैं.
