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कोरोना के साथ दुनिया में आया नवजात, मां के गर्भ में पल रहें बच्चे में पहुंचा कोरोना,

हरियाणा के जिला पानीपत में एक बच्चे का कोरोना के साथ जन्म हुआ है. पिता के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मां भी पॉजिटिव मिली थी. जिस अस्पताल में महिला का शुरू से इलाज चल रहा था, उन्होंने डिलीवरी कराने से इनकार कर दिया. प्रसव की अंतिम स्टेज पर होने के कारण गर्भवती के परिजनों
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कोरोना के साथ दुनिया में आया नवजात, मां के गर्भ में पल रहें बच्चे में पहुंचा कोरोना,

हरियाणा के जिला पानीपत में एक बच्चे का कोरोना के साथ जन्म हुआ है. पिता के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद मां भी पॉजिटिव मिली थी. जिस अस्पताल में महिला का शुरू से इलाज चल रहा था, उन्होंने डिलीवरी कराने से इनकार कर दिया. प्रसव की अंतिम स्टेज पर होने के कारण गर्भवती के परिजनों ने पूरेशहर के अस्पतालों के चक्कर काटे, परंतु किसी ने डिलीवरी कराने की हां नहीं भरी. अंत में आयुष्मान भव अस्पताल के डॉक्टरों ने विचार करने के बाद कोरोना पॉजिटिव महिला की डिलीवरी कराई. जन्म के बाद बच्चे का कोरोना टेस्ट किया गया तो उसकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है. बच्चे को मां से अलग एनआईसी में रखा गया है। जहां, उसकी हालत स्थिर है.

कोरोना के साथ दुनिया में आया नवजात, मां के गर्भ में पल रहें बच्चे में पहुंचा कोरोना,बता दें की रिफाइनरी निवासी एक व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने के बाद घर पर ही आइसोलेट था. उनकी पत्नी गर्भ के 9 महीने पूरे करने के बाद जिस अस्पताल में इलाज चल रहा था, डिलीवरी के लिए उसमें भर्ती हुई. अस्पताल के स्टाफ को महिला के पति के कोरोना संक्रमित होने का पता लगा तो उन्होंने महिला का भी रैपिड टेस्ट कराया. जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव मिली. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने महिला की डिलीवरी करने से इनकार कर दिया.

वहीं प्रसव की लास्ट स्टेज होने के कारण महिला के परिजनों ने कई अस्पतालों में डिलीवरी के लिए संपर्क किया, परंतु महिला के कोरोना पॉजिटिव होने की बात सुनकर इनकार कर दिया. सिवाह के पास स्थित आयुष्मान भव अस्पताल के डॉक्टरों ने महिला की डिलीवरी करने की हां भरी. अस्पताल के डॉक्टर राहुल एवं सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर कृष्णा सांगवान ने बताया कि 13 अप्रैल को ऑपरेशन से महिला ने बच्चे को जन्म दिया.

महिला की डिलीवरी कराने वाले डॉक्टर सांगवान ने बताया कि महिला के कोरोना पॉजिटिव होने के कारण किसी ने उसकी डिलीवरी नहीं कराई. वह एक डॉक्टर हैं और डॉक्टर होने के नाते महिला का इलाज कराने उनकी ड्यूटी थी. कोरोना संक्रमित महिला की यह उनकी पहली डिलीवरी थी. उन्होंने कोविड-19 की गाइड लाइन का पालन करने के साथ बाहर के खाने से बचने की अपील की है.

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