MP में बिछेगी 170.56 किमी रेल लाइन, 19 गांवों की जमीन का होगा अधिग्रहण
MP News : मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी। इसके साथ ही, क्षेत्रीय विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। मध्यप्रदेश में एक महत्वपूर्ण रेलवे परियोजना पर काम किया जा रहा है, जिसमें महू और आसपास के गांवों की भूमि अधिग्रहित की जाएगी।
Madhya Pradesh News : इंदौर-मनमाड़ प्रोजेक्ट जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ने वाली प्रमुख रेल लाइन है, तेजी से काम कर रहा है। इंदौर जिले में परियोजना के तहत बनाई जाने वाली लाइन के लिए जमीन अधिग्रहण का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। स्वीकृति मिलने पर काम शुरू हो सकेगा। PMP की निगरानी से काम तेजी से चलेगा। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगी, बल्कि 5 घंटे में मुंबई पहुंचने का सपना भी साकार करेगी।
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सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि दोनों राज्यों में 13 जिलों की जमीन दी जाएगी। Muhu villages जमीन अधिग्रहण के लिए अधिकारी की नियुक्ति का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। अब काम जल्दी हो सकेगा। सितंबर में, इंदौर से मनमाड़ तक 309 किमी की नई रेल लाइन को 18036 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली। PMO सीधे इस योजना की निगरानी करेगा। इस लाइन से इंदौर मुंबई-दक्षिण से जुड़ेगा और औद्योगिक कनेक्टिविटी भी मिलेगी।
मप्र को फायदा होगा
महाराष्ट्र रेलवे से सबसे अधिक लाभ उठाएगा। 309 किमी में मप्र का 170.56 किमी हिस्सा है। यह राज्य की 905 हेक्टेयर जमीन पर है। महू, कैलोद, कमदपुर, झाड़ी बरोदा, सराय तालाब, नीमगढ़, चिक्तयाबड़, ग्यासपुरखेड़ी, कोठड़ा, जरवाह, अजंदी, बघाड़ी, कुसमारी, जुलवानिया, सली कलां, वनिहार, बवादड़ और मालवा स्टेशन प्रदेश में बनने वाले 18 स्टेशनों में से एक हैं।
बजट में मिली राशि से अधिक मिलेगी
लंबे समय से इंदौर-मनमाड़ रेलवे परियोजना पर काम चल रहा है। 2022 में इसे मंजूरी नहीं मिली। 2023 में टोकन का मूल्य 2 करोड़ रुपए था। डीपीआर-सर्वे मप्र में किया गया था। 2024 के बजट में काम जारी रखने के लिए एक हजार रुपए की टोकन राशि दी गई थी। 18 हजार 36 करोड़ रुपये अब स्वीकृत हैं। आने वाले बजट में यह राशि मिलेगी।
महू के इन गांवों का जमीन अधिग्रहण
खेड़ी(इस्तमुरार), चेनपुरा, कामदपुर, खुदालपुरा, कुराड़ाखेड़ी, अहिल्यापुर, नांदेड़, जामली, केलोद, बेरछा, खेड़ी, गवली पलास्या, आशापुर, मलेंडी, कोदरिया, बोरखेड़ी, चोरड़िया, न्यू गुराड़िया, महू कैंट (डॉ. आंबेडकर नगर)।
5 पहले पहुंचेंगे मुंबई
18 स्टेशन बनेंगे
905 हेक्टेयर मप्र की भूमि होगी अधिग्रहित
मध्यप्रदेश पर एक नजर
रेलवे ट्रैक – 170 किमी
स्टेशन – 18 (एक पुराना)
जिले – बड़वानी, खरगोन, धार व इंदौर
जमीन की आवश्यकता – 905 हेक्टेयर
टनल की लंबाई – 17.7 किमी
ब्रिज – 4 (नर्मदा, देव, गोई व चंबल)
रेलवे ओवर ब्रिज – 35 रेलवे अंडर ब्रिज – 62
रेल गोदाम – 4 (इंदौर के कैलोद व धार के ग्यासपुर खेड़ी)

