7th Pay Commission: निजी कर्मचारियों को मिलेगा डबल फायदा, दिवाली से पहले सैलरी में आएगा 6000 का उछाल
7th Pay Commission: इस फेस्टिवल सीजन करोड़ कर्मचारियों की मौज होने वाली है। कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी अपडेट सामने आ रही है। कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ा उछाल आने वाला है। देश के करोड़ों कर्मचारियों की चांदी होने वाली है। क्योंकि अब कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा करने की योजना बनाई जा रही है यानी अब बेसिक सैलरी 15 हजार रुपए से 21 हजार रुपए करने का प्रस्ताव था।
7th Pay Commission: देश के करोड़ों कर्मचारियों की इस त्योहारी सीजन चांदी होने वाली है। क्योंकि अब कर्मचारियों की सैलरी में छह हजार रुपये का इजाफा करने की योजना बनाई जा रही है यानी अब बेसिक सैलरी 15 हजार रुपए से 21 हजार रुपए करने का प्रस्ताव था। केन्द्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी इस पर सहमत थे। आपको बता दें कि कर्मचारियों को अभी तक बेसिक सैलरी के तौर पर 15 हजार रुपए मिलते हैं। जिसे सरकार ने बढ़ाकर अब 21 हजार रुपए करने की योजना बना रही है। यदि ऐसा होता है, तो कर्मचारियों के वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
फैसला जल्दी किया जा सकता है
मीडिया समाचारों के अनुसार, वित्त मंत्रालय बेसिक सैलरी को बढ़ाने का विचार कर रहा है। यही नहीं, लेबर मिनिस्ट्री ने वर्तमान 15,000 रुपए की सैलरी सीमा को 21,000 रुपए करने का प्रस्ताव किया है। सैलरी लिमिट बढ़ने से निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को बहुत लाभ मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, 1 सितंबर 2014 से, लगभग 10 वर्षों से, ईपीएस के लिए न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपए है। अब मिनिस्टी इस पर जल्द ही निर्णय ले सकता है। अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है कि ये घोषणा किस दिन की जाएगी।
ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में वृद्धि
प्रस्ताव के अनुसार, न्यूनतम वेतन 15 हजार रुपए से 21 हजार रुपए तक होना चाहिए। इस निर्णय से निजी क्षेत्र में काम कर रहे कर्मचारियों के पेंशन और ईपीएफ कंट्रीब्यूशन में सुधार होगा। पेंशन अमाउंट बढ़ा जाएगा अगर सरकार इसे पारित करती है। जिससे कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद अधिक भुगतान मिलेगा। इसके अलावा, सैलरी लिमिट में इजाफा होने से अधिक कर्मचारी इसका लाभ उठाएंगे।
न्यूज़ वेज कोड भी शायद लागू हो
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दिवाली के दौरान निजी कर्मचारियों का काम भी बदल सकता है। बताया जा रहा है कि काम के दिनों को बढ़ाकर वीकली में सिर्फ चार दिन काम किया जा सकता है। हालाँकि 22 राज्यों की सरकारें पहले ही इस पर सहमत थीं। लेकिन कुछ राज्य अभी इसे मंजूर नहीं कर सकते हैं किसी भी कारण से। इसलिए न्यू वेज कोड़ अभी तक बंद है।

