The Chopal

Delhi Weather : दिल्ली में आने वाले 6 दिन बरसात का अलर्ट, यमुना में फिर बाढ़ का खतरा

   Follow Us On   follow Us on
यमुना

THE CHOPAL - मौसम विभाग ने कहा कि राजधानी दिल्ली में यमुना नदी में एक बार फिर उफान होने से लोग चिंतित हैं। मौसम विभाग ने कहा कि रविवार को अधिकतम 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस का अनुमान है। अगले छह दिनों में बूंदाबांदी हो सकती है। फिलहाल, बहुत अधिक बारिश की उम्मीद नहीं है। 24 जुलाई से तापमान कुछ कम हो सकता है। दिल्ली का सर्वोच्च तापमान 37.6 डिग्री सेल्सियस था, जो सामान्य से 3 डिग्री अधिक था। इस बीच, यमुना नदी दिल्ली में खतरे के निशान को पार कर गई है। रविवार सुबह 6 बजे ओल्ड यमुना ब्रिज पर 205.75 मीटर का जलस्तर था। दिल्ली में यमुना में 205.33 मीटर पर खतरे का निशान है।

ये भी पढ़ें - खेती के दौरान हादसे का शिकार होने पर अब उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेगा मुआवजा, जाने योजना के लाभ और आवेदन प्रक्रिया 

दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से बारिश नहीं हुई है, इसलिए तापमान में वृद्धि हुई है। शनिवार को तापमान शुक्रवार से कुछ कम था, लेकिन दिनभर उमस अधिक होने से लोग गर्मी से परेशान रहे। दिल्ली में अगले कुछ दिनों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है, मौसम विभाग का कहना है।

हथिनीकुंड बैराज ने लाखों क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा

वहीं, हथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी यमुना में डालने के बाद एक बार फिर बाढ़ की आहट होने लगी है। इससे लोगों और अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए हैं। रविवार सुबह तक नदी से सटे क्षेत्रों में पानी घुसने की आशंका है। 

दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में अलर्ट जारी है। यमुना से सटी सभी चौकियों पर तीनों राज्यों की सरकारों ने अधिक निगरानी लगाई है। दिल्ली को खासकर अधिक खतरा हो सकता है क्योंकि इसके इलाके नीचे हैं और जलस्तर बढ़ते ही उनमें पानी घुस जाता है। लोगों को पिछले दिनों आई बाढ़ से अभी उबर भी नहीं पाया है, तो फिर से उनकी चिंता होने लगी है। उधर, अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे यमुना किनारे न जाएं और अधिक निगरानी बढ़ा दी है। दिल्ली में आपात की स्थिति से निपटने के लिए नावों को चौकसी दी जा रही है। दिल्ली सरकार ने कहा कि लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए।

योग्य क्षेत्रों में मुनादी

प्रशासन ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए शनिवार शाम से यमुना खादर और आसपास के क्षेत्रों में मुनादी कराई। लोगों से अपील की गई कि वे सतर्क रहें और निचले इलाकों को अगर संभव हो तो पूरी तरह से खाली कर दें। क्योंकि यमुना का जलस्तर फिर से तेजी से बढ़ने का खतरा है

बैराज पर अधिक दबाव

उत्तरकाशी में बादल फटने के बाद हथनीकुंड बैराज पर पानी का दबाव बढ़ा है, जिससे यमुना नदी में लगातार पानी छोड़ा जाता है। वहीं, सहारनपुर और शामली में भी अधिकारी परिस्थितियों को देख रहे हैं। राजस्व मंत्री आतिशी ने कहा, "यदि यमुना का जल स्तर 206.7 मीटर तक बढ़ जाता है तो खादर के कुछ हिस्सों में बाढ़ आ सकती है।" इन क्षेत्रों में निकासी करने को सरकार पूरी तरह से तैयार है। यमुना नदी खतरे के स्तर को रविवार शाम तक पार कर सकती है, केंद्रीय जल आयोग का कहना है।''