Electric Highway: रफ्तार भरते समय चार्ज होंगी गाड़िया, राजस्थान से दिल्ली तक बनेगा इलेक्ट्रिक हाईवे
Electric Highway : केंद्र सरकार ने देश में 6000 किलोमीटर लंबे इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। यह पहल ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने और भारत को ग्रीन एनर्जी की दिशा में ले जाने के लिए एक बड़ा कदम है। केंद्र सरकार ने अगले कुछ सालों में 6000 किलोमीटर लंबे इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने का लक्ष्य रखा है। हाईवे चार्जिंग सुविधा होगी।
The Chopal : आने वाले सालों में देश भर में इलेक्ट्रिक हाईवे बनाए जाएंगे। CNBC-TV18 India बिजनेस लीडर अवॉर्ड में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार दिल्ली से जयपुर तक इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने की योजना बना रही है। लेकिन आप जानते हैं कि इलेक्ट्रिक हाईवे या एक्सप्रेसवे कैसे काम करते हैं और यहां क्या सुविधाएं हैं? आइये आपको इलेक्ट्रिक हाईवे की विशेषताओं बताते हैं।
इलेक्ट्रिक हाईवे क्या हैं?
1 - इलेक्ट्रिक हाईवे, एक सड़क नेटवर्क है जो विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बनाया गया है और इंफ्रा चार्जिंग सिस्टम रखता है। लंबी दूरी की यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए, हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन या सिस्टम की सुविधा होती है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर लोगों को पेट्रोल और डीजल वाहनों से ईवी की ओर शिफ्ट करने के लिए प्रेरित करेगा।
2 - खास बात है कि यह चार्जिंग इंफ्रा रेलवे जैसे होगा. आपने देखा होगा कि ट्रेन कैसे ऊपर लगे तार के साथ चलती है, वैसा ही कुछ ट्रक और अन्य गाड़ियों के साथ होगा. भविष्य में ट्रेन की तरह ट्रक समेत अन्य वाहनों पर पेंट्रो लगे होंगे. ये वाहन के इंजन को पावर सप्लाई करेंगे. इलेक्ट्रिक हाईवे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने में मदद करेंगे।
3 - दिल्ली से जयपुर के बीच एक विद्युत राजमार्ग बनाने की योजना है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग से एक सड़क लेन बनाई जाएगी। इन हाईवे से लंबी दूरी की यात्रा को सुलभ और सुविधाजनक बनाया जाएगा, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ेगी।
4 - इलेक्ट्रिक हाईवे का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे बहुत अधिक ईंधन बचेगा। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक हाईवे पर सोलर एनर्जी और राज्य ग्रिड का उपयोग किया जाएगा।
5 - इलेक्ट्रिक हाईवे पर वाहनों को इलेक्ट्रिसिटी ओवरहैड वायर्स (रोड के ऊपर लगे बिजली के तार) से मिलती है। इसका एक लाभ यह है कि गाड़ी को चार्जिंग स्टेशनों पर रुककर चार्ज नहीं करना पड़ता। ट्रैनों की तरह गाड़ियों पर भी पेंट्रोग्राफ लगाया जाता है।
क्या सरकारी योजना है?
एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार अंतरराज्यीय सार्वजनिक परिवहन को इलेक्ट्रिफिकेशन करके पेट्रोल और डीजल की खपत और प्रदूषण को कम करने की कोशिश कर रही है। सरकार ‘स्वर्णिम चतुर्भुज हाईवे’ पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक राजमार्ग बनाने की योजना बना रही है, जो इस बड़ी पहल का एक हिस्सा होगा। ईटी सूत्रों के अनुसार, केंद्र का देशव्यापी लक्ष्य 6,000 किलोमीटर इलेक्ट्रिक हाईवे बनाना है।
स्वीडन और जर्मनी में ट्रकों और बसों के लिए ऐसे हाईवे बनाए गए हैं। यह इलेक्ट्रिक हाईवे प्रोजेक्ट भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में मदद कर सकता है। क्योंकि इससे ऊर्जा बचेगी, प्रदूषण कम होगा और परिवहन आसान होगा।

