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गोरखपुर से शामली तक 22 जिलों में किसानों की होगी चांदी, निकलेगा नया एक्सप्रेसवे, 11 पैकेज में होगा निर्माण

Gorakhpur-shamli Expressway: उत्तर प्रदेश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर की कई प्रोजेक्ट का निर्माण अभी जारी है. प्रदेश में आवागमन कनेक्टिविटी आसान बनाने के लिए बड़े स्तर पर नए एक्सप्रेसवे का काम तेजी से किया जा रहा है. उत्तर प्रदेश की 22 जिलों से होकर एक और नया एक्सप्रेसवे गुजरने वाला है जिसे 11 पैकेज में निर्माण किया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे को मौजूदा समय में 4 लेन का बनाया जाएगा लेकिन आगे समय के हिसाब से जरूरत पड़ने पर सिक्स लेन में तब्दील कर दिया जाएगा.

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UP के 22 जिलों में किसानों की होगी चांदी, निकलेगा नया एक्सप्रेसवे, 11 पैकेज में होगा निर्माण 

Gorakhpur-shamli Expressway: उत्तर प्रदेश में रोड इंफ्रास्ट्रक्चर को नया रूप देने की दिशा में सरकार बहुत ही तेज़ी से काम कर रही है, और इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, नया एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट, जो राज्य के 22 जिलों से होकर गुजरेगा। उत्तर प्रदेश में एक और नया राजमार्ग तेजी से बन रहा है। यह 22 जिलों से होकर निकलने वाला हैं। जो इलाके में बेहतर कनेक्टिविटी लाएगा। यूपीवासी इस नई सौगात से खुश हैं। यहां जल्द ही एक और नया राजमार्ग मिल जाएगा, जो राज्य को पूरब से पश्चिम तक जोड़ देगा। 11 पैकेजों में ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में प्रस्तावित गोरखपुर से शामली तक 650 किलोमीटर एक्सप्रेस वे बनाया जाएगा। बरेली में इस मुद्दे पर कई बार कंसलटेंट से मुलाकात हुई है। इसमें आगे की कार्ययोजना भी शामिल है। 

यूपी की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी

यह उत्तर प्रदेश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेस वे होगा, जो गंगा एक्सप्रेस वे के बाद 22 जिलों को जोड़ेगा। इससे यूपी की कनेक्टिविटी सुधरेगी। जब यह एक्सप्रेस वे बनकर तैयार हो जाएगा, लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान जाने में भी कम समय लगेगा। इस परियोजना को कम से कम समय में पूरा कर दिया जाएगा। इसके लिए डीपीआर बनाया जा रहा है, जिसमें एक्सप्रेस वे की विस्तृत जानकारी होगी। 

जमीन अधिग्रहण

रिपोर्टों के अनुसार, बरेली में ये एक्सप्रेस वे नैनीताल और पीलीभीत से भी जुड़े होंगे। बरेली में हुई बैठक में एक्सप्रेस वे का अलाइनमेंट प्रस्तावित हुआ। जिसमें पहले चरण में तीन अलाइनमेंट पर सहमति हुई है। DPPR में इस एक्सप्रेस वे पर कितने ओवर ब्रिज और फ्लाइओवर होंगे? इन सबका सर्वे किया जा रहा है। NHAI डीपीआर बनाने के बाद जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर देगा। इसे एक्सप्रेस वे फोर लेन बनाया जाएगा। फिर इसे आवश्यकतानुसार छह लेन किया जा सकता है। जमीन अधिग्रहण होने से किसानों को तगड़ा फायदा होने वाला हैं। जमीनों की कीमतों में भी बढ़ोतरी होती हैं।

300 किमी की सड़क

समाचार पत्रों के अनुसार, शामली-गाजियाबाद एक्सप्रेस वे का निर्माण दो भागों में होगा। पहले चरण में शामली से पुवायां तक 350 किमी की सड़क बनाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में पुवायां से गोरखपुर तक 300 किमी की सड़क बनाई जाएगी। यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश की जनसंख्या को ध्यान में रखते हुए गोरखपुर से संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, हरदोई, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल, बिजनौर, अमरोहा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली से होकर निकलेगा।