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IAS अफसर की तीन पत्नियाँ, सभी ने किया प्रोपर्टी पर दावा, शादी के सर्टिफिकेट सहित पहुंची ऑफिस

IAS property case :आईएएस के पद पर बैठकर कठोर निर्णय लेने वाले अफसर अक्सर चर्चा में रहते हैं, क्योंकि पद इतना बड़ा है। लेकिन यहां व्यक्तिगत जीवन नहीं कुर्सी है। इस मामले में आईएएस अधिकारी की एक या दो नहीं, बल्कि तीन पत्नियों (IAS अधिकारी संपत्ति विवाद) ने आईएएस की संपत्ति पर अपना हक दावा किया है। आइए जानते हैं पूरी बात।

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IAS अफसर की तीन पत्नियाँ, सभी ने किया प्रोपर्टी पर दावा, शादी के सर्टिफिकेट सहित पहुंची ऑफिस 

The Chopal, IAS property case : नोयडा प्राधिकरण के दफ्तर में एक नामी IAS अफसर की मौत के बाद एक-एक करके तीन महिलाएं आती हैं, सभी के हाथ में शादी का सर्टिफिकेट और चेहरे पर क्रोध। वे दावा करती हैं कि वे उसकी पत्नी हैं और उसकी संपत्ति पर हक है (Property Transfer Case IAS Harishankar Mishra)। दफ्तर में उत्साह है। अब जब यह मामला इतना उलझन भरा हो गया है, इसकी पूरी जानकारी लेना आवश्यक हो गया है। आखिर में इस मामले में क्या हुआ?

करियर और IAS की संपत्ति 

Hindi (IAS) एक उच्च प्रशासनिक अधिकारी थे, जिन्होंने राज्य सेवा से पहले केंद्रीय सेवा में पदोन्नति प्राप्त की। 2014 में उन्होंने अपने करियर को समाप्त कर दिया। लंबे समय से अस्वस्थ रहने के कारण पिछले वर्ष जुलाई में गाजियाबाद के एक हॉस्पिटल में उनकी मृत्यु हो गई। उसकी संपत्ति, जिसमें सेक्टर 62 में एक 180 मीटर बड़े आकार की कोठी भी शामिल थी, नोएडा में बहुत महंगी थी। यह संपत्ति पहले करोड़ों रुपये की थी, लेकिन आज बहुत अधिक मूल्यवान है।

पहली महिला ने पत्नी होने का दावा किया—

IAS हरिशंकर मिश्रा की मृत्यु के बाद 30 वर्षीय एक महिला, शीबा शिखा, ने कहा कि वह उनकी पत्नी है और संबंधित अधिकारियों को मृत्यु प्रमाणपत्र और विवाह प्रमाणपत्र दिखाए। इस महिला ने बताया कि वह उनसे शादी कर चुकी है। इस मुद्दे का पहला कदम था महिला के नाम पर संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया।

दस्तावेजों से विवाद की शुरुआत इस तरह हुई—

पिछले साल दिसंबर में शादी के कागजातों की जांच के बाद पहली पत्नी शीबा शिखा के नाम पर संपत्ति (IAS officer ki teen patniyan Noida property) आधिकारिक रूप से बदल दी गई. इसमें 180 मीटर की एक कोठी भी शामिल थी।

हालाँकि, एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि महिला द्वारा प्रस्तुत विवाह प्रमाणपत्र मिश्राजी के निधन से आठ दिन पहले का था, जो मामले को और अधिक जटिल बना दिया। उस समय एक और महिला, अनीता मिश्रा, ने भी दावा किया कि वह आईएएस हरिशंकर मिश्रा (IAS Harishankar Mishra) की पत्नी है।

दूसरी महिला ने शादी और बच्चों का दावा किया—

दूसरी महिला ने बताया कि वह हरिशंकर मिश्रा से बहुत पहले शादी कर चुकी थी और उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी, जो अब २३-२४ साल के हो चुके हैं। महिला ने पेश किए गए दस्तावेजों के अनुसार, पूर्ववर्ती महिला के नाम पर संपत्ति हस्तांतरण (Noida Authority IAS property case) को रद्द कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि दोनों महिलाओं के बीच विवाद को हल करने और सही व्यक्ति के नाम पर संपत्ति का अधिकार देने के लिए जांच की जा रही है।

तीसरी महिला ने अपनी बेटी का दावा किया

फिर एक और 40 साल से अधिक उम्र की महिला ने प्राधिकरण के दफ्तर में दावा किया कि वह हरिशंकर मिश्रा की बेटी है (Sheeba Shikha, Anita Mishra property case)। उसने कहा कि वह मिश्रा की असली पत्नी हैं, जो कुशीनगर में रहती हैं, और वह उनका समर्थन करने आई है। पूरा मामला इस दावे से और अधिक जटिल हो गया। अब यह मुद्दा काफी चर्चा में आया है। इसके साथ ही संपत्ति की विनिमय प्रक्रिया भी बंद हो गई है।

ट्रांसफर पर रोक, जांच जारी—

अंत में, प्राधिकरण के AGM संजीव और अन्य अधिकारियों ने बताया कि संपत्ति के हस्तांतरण पर अस्थायी रोक (IAS officer vivad) लगा दी गई है और जांच प्रक्रिया पूरी होने तक कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। तीन महिलाओं ने अपने-अपने दस्तावेजों को प्रस्तुत किया है, और अब इस मामले की व्यापक जांच की जा रही है। परीक्षा पूरी होने पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा कि संपत्ति किसके नाम में दी जाएगी।