अगर गाड़ी पर लिखा है POLICE, ARMY या PRESS, तो तगड़ी कारवाही के लिए रहे तैयार
Bihar DGP News: यह कहा गया है कि अगर पुलिस, सेना या मीडिया लिखा है तो उस गाड़ी की सख्त जांच की जाए। कई लोग गलत गतिविधियों में शामिल हो जाते हैं, जो फर्जी स्टीकर लगाकर पुलिस को धोखा देते हैं।
The Chopal, Bihar DGP News: सड़क पर चलते समय आपने कई गाड़ियों देखा होगा जिन पर प्रेस, पुलिस या आर्मी का नाम लिखा है। इस तरह का बोर्ड लगाना या लिखना कई बार मना भी किया गया है, लेकिन लोग इसे नहीं मानते। कई बार ऐसा होता है कि कोई भी इस क्षेत्र से जुड़ा नहीं है। धौंस जमाने के लिए ये सभी गाड़ी पर लिखवाकर घूमते हैं। ऐसा करने वालों के खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी। बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि अगर पुलिस, सेना या मीडिया ने लिखा है तो उस गाड़ी की सख्त जांच की जाएगी। गुरुवार (30 जनवरी) को पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि ऐसे फर्जी स्टीकर लगाकर पुलिस को धोखा देकर कई लोग गलत कामों में शामिल होते हैं। इसे रोकने के लिए यह आदेश दिया गया है।
सही व्यक्ति को परेशान करने का लक्ष्य नहीं है: डिजीपी
डीजीपी ने कहा कि सही आदमी को परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है। इस तरह का स्टीकर लगाकर किसी गलत काम में शामिल न होने की निगरानी की जाएगी। दरभंगा में एक फ्रॉड एडीएम स्टीकर लगाकर चल रहा था। ऐसे में आदेश जारी किया गया है और तत्काल लागू होता है।
कहा कि वाहन चेकिंग अभियान के दौरान गाड़ियों पर विशेष नजर रखी जाएगी। कई कार मालिकों ने पुलिस, प्रेस या सेना के शब्दों को अपनी कार पर लिखवाकर गलत फायदा उठा लिया है। बिहार में प्रेस और पुलिस स्टीकर का गलत उपयोग हो रहा है। ऐसी कई गाड़ी पकड़ ली गई हैं।
पुलिस विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश भेजे हैं। यह कहा गया है कि ऐसे वाहनों की पूरी तरह से जांच की जाएगी। यातायात नियमों के साथ-साथ अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करें। इसका उद्देश्य अपराध और असामाजिक गतिविधियों को नियंत्रित करना था। वाहनों पर प्रेस, पुलिस या सेना के फर्जी स्टीकर लगाकर प्रभाव जमाने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया गया है। यह नियम पुलिस और प्रेस की गाड़ियों पर लागू नहीं होगा जो सरकारी कार्य के लिए उपयोग की जाती हैं।

