UP के इस जिले में लाखों किसानों को मिलेगा सीधा लाभ, आर्थिक स्थिति में होगा सुधार
UP News : किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की लिमिट बढ़ने से किसानों के लिए यह एक अच्छी खबर है। बजट में इस वृद्धि के कारण किसानों को कम ब्याज दर पर अधिक ऋण मिलने का लाभ होगा, जिससे वे अपनी खेती में निवेश बढ़ा सकेंगे।
Uttar Pradesh News: किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ने से किसान खुश हैं। बजट में केसीसी की सीमा बढ़ने से वे खुश हैं। अयोध्या की पांच तहसीलों में कुल चार लाख 48 हजार 223 कृषक पंजीकृत हैं। दिसंबर तक, एक लाख 19 हजार 512 किसानों ने केसीसी का लाभ लिया है। इनमें लगभग एक लाख 10 हजार किसानों को बढ़ी लिमिट का सीधा फायदा मिलेगा।
किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा बढ़ने से किसान खुश हैं। बजट में केसीसी की सीमा बढ़ने से वे खुश हैं। अब वे कम ब्याज दर पर पांच लाख रुपये तक का कर्ज ले सकेंगे। ब्याज दर को लेकर अभी भी कुछ किसान संशय में हैं। बढ़ी लिमिट से किसानों और पशुपालकों दोनों को फायदा होगा। कुल चार लाख 48 हजार 223 कृषक जिले की पांच तहसीलों में पंजीकृत हैं। दिसंबर तक, एक लाख 19 हजार 512 किसानों ने केसीसी का लाभ लिया है। बढ़ी लिमिट से लगभग एक लाख दसवीं हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
किसान अभी भी केसीसी के माध्यम से बैंक से तीन लाख तक कर्ज ले सकते थे। शनिवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया, जिसमें इस निर्धारित सीमा को पांच लाख रुपये तक बढ़ा दिया गया था। रामनगर के किसानों ने इस घोषणा का स्वागत किया। खेती से संबंधित आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर निर्भर हैं। केसीसी भी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति में एक बड़ा सहारा साबित होता है, क्योंकि इसकी ब्याज दर सिर्फ चार प्रतिशत है। केसीसी ने छोटे और मध्यम किसानों की आय बढ़ाने में काफी मदद की है।
आत्मनिर्भरता बढ़ेगी
केसीसी की सीमा बढ़ने से किसानों को आत्मनिर्भरता मिलेगी। उनको किसी से कर्ज लेने के लिए हाथ नहीं फैलाना होगा। किसानों को अभी भी साहूकार और अन्य स्रोतों से अधिक कर्ज लेना पड़ता था। अब केसीसी की सीमा पांच लाख होने से किसानों की जरूरतें आसानी से पूरी होंगी।
किसान ने क्या कहा?
जखौली के किसान रामप्रेस यादव का कहना है कि सरकार ने किसानों को सौगात दी है। इससे किसान कम ब्याज दर पर अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगे। इस फैसले से किसानों की आय भी बढ़ेगी। इस घोषणा का अमानीगंज के बिरौली झाम के किसान रामसरन ने स्वागत किया है, लेकिन ब्याज दर पर उनका संशय है। वह कहते हैं कि लिमिट के साथ ब्याज दर कभी नहीं बढ़ेगी।
तारुन ब्लॉक के देवापट्टी गांव में रहने वाले अमरनाथ पांडेय ने बताया कि सरकार ने बहुत बड़ी राहत दी है। KCC खेती और अन्य आवश्यक कार्य करता है। फसल तैयार होने पर केसीसी एक बार फिर से जमा किया जाता है और फिर से तैयार किया जाता है। कहते हैं कि सरकार नई तकनीक से खेती करने के लिए युवा किसानों को प्रोत्साहित कर रही है, जिससे उनकी आय बढ़ रही है। अब केसीसी भी कृषि यंत्रों की खरीददारी कर सकेंगे।
एलडीएम गणेश शंकर यादव ने कहा कि केसीसी की सीमा अभी तक तीन लाख रुपये है। बजट ने इसे पांच लाख रुपये तक बढ़ा दिया है। KCC में ब्याज दर सात प्रतिशत है। किसानों को तीन प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है अगर वे एक वर्ष के अंदर समय पर भुगतान कर देते हैं या रिनीवल करा लेते हैं। यानी सिर्फ चार प्रतिशत की ब्याज दर देनी पड़ती है। किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार और उनकी उत्पादकता में सुधार केसीसी की बढ़ी सीमा से मिलेगा।

