UP में 29 गांवों में हुआ जमीन अधिग्रहण, अब शुरू होगा नई रेल लाइन बिछाने का कार्य
UP News : उत्तर प्रदेश में दो जिलों के बीच एक और रेलवे लाइन बिछाई जाने के बाद आवागमन कनेक्टिविटी और ज्यादा सुगम होने वाली हैं। उत्तर प्रदेश में 29 गांवों के किसानों की जमीन खरीद कर रेलवे लाइन बिछाने का रास्ता अब और ज्यादा आसान हो गया हैं।
Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश के विकास के लिए! रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर में ये बड़ा कदम साबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश में दो जिलों के बीच एक नई रेलवे लाइन बिछाए जाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इस प्रोजेक्ट के तहत 29 गांवों के किसानों की जमीन अधिग्रहित कर ली गई है, जिससे रेलवे लाइन बिछाने का रास्ता अब और अधिक सुगम हो गया है। इस नई रेलवे लाइन के निर्माण से न केवल आवागमन और माल परिवहन में आसानी होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे दोनों जिलों के बीच की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्री यात्रा को अधिक तेज़, सुरक्षित और आरामदायक अनुभव कर पाएंगे।
रेल लाइन बनाने की राह आसान
आनंदनगर-महराजगंज-घुघली प्रस्तावित रेल लाइन बनाने की राह आसान हो गई है। रेलवे अब 29 गांवों की जमीन खरीद चुका है। इसके बाद आगे की कार्रवाई जल्दी होगी। वहीं दूसरी ओर मुआवजे को लेकर भी लोग नाराज़ हैं। बीते दिनों लोगों ने एडीएम को पत्र लिखा और मुआवजा देने की मांग की। लोगों ने कहा कि कृषि भूमि के हिसाब से कामर्शियल जमीन का भुगतान उचित नहीं है।
52.70 किमी लंबी नई रेल लाइन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में घुघली से महराजगंज तक 52.70 किमी लंबी नई रेल लाइन बनाई जानी है। भूमि अध्याप्ति और रेलवे विभाग ने इस परियोजना की पहली चरण में 29 गांवों में प्रभावित किसानों को जमीन अधिग्रहित की गई हैं। इसके तहत कुल 698 गाटा जमीन मिली। इसमें 98.9394 हेक्टेयर जमीन है, जो 3897 किसानों के पास है। रेलवे से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने के लिए कुल 4,34,05,25,699 रुपये का भुगतान किया गया था। इसमें किसानों को 3,11,22,64,533 रुपये की मुआवजा दी गई है।
सदर तहसील के पिपरा मुंडेरी, घघरुआ खड़ेसर, जोगिया, रामपुर बल्डिहा, मटकोपा, बरवा, चमैनिया, घुघली खुर्द, धरमपुर, विशुनपुर गबडुआ, पिपराइच उर्फ पचरुखिया, लक्ष्मीपुर, हरपुर, शिकारपुर, भिसवा, दरौली, बरवा विद्यापति, पड़री खुर्द, सिसवा बाबू, मनियार छपरा, रामपुर मजुहना, अगया, तरकुल इन गांवों के किसानों से सहमति पत्र लेकर रेलवे को अधिकार प्रमाणपत्र दिया गया है।
रेलवे विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पहले चरण में पहले अधिग्रहित जमीन की सीमा निर्धारित की जाएगी। रेलवे सीमा को स्पष्ट करने के लिए इसके बाद आवश्यक निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे, जैसे मिट्टी भराई और समतलीकरण। रेलवे लाइन पर पड़ने वाले पुलों और अंडरपास इसके तहत बनाए जाएंगे। ताकि यातायात और जल निकासी सही ढंग से हो सके।

