MP के इन 5 जिलों की जमीन पर बनेगा महानगर, औद्योगिक और आर्थिक विकास पकड़ेगा रफ्तार
MP News : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में राज्य में दो नए महानगरों के गठन की घोषणा की है। शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास तेजी से होगा। इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ आरपी अहिरवार ने बताया कि 10 लाख से अधिक लोगों वाले क्षेत्र को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित किया गया है।
The Chopal : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के दो महत्वपूर्ण शहरों को महानगर घोषित करने की घोषणा की है। भोपाल और इंदौर महानगर बनने की तैयारी कर रहे हैं। इंदौर को चार आसपास के जिलों को जोड़कर एक महानगर बनाने की योजना है। इंदौर को महानगर बनाने पर उसका औद्योगिक और आर्थिक विकास तेज होगा।
मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (IMDA) की स्थापना की प्रक्रिया
इंदौर मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (IMDA) को बनाने की योजना बनाई जा रही है, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों का विकास तेजी से होगा। इंदौर विकास प्राधिकरण के सीईओ आरपी अहिरवार ने बताया कि 10 लाख से अधिक लोगों वाले क्षेत्र को मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र घोषित किया गया है। अनियोजित विकास की स्थिति में इंदौर की शहरी आबादी और परिधीय क्षेत्रों का विकास 50% तक पहुंच चुका है।
तहसील, निकाला जा रहा डाटा
मेट्रोपॉलिटन सिटी बनाने के लिए, निकायों और जिलों की अलग-अलग तहसील से डाटा निकालना होगा। जनसंख्या एनालिसिस रिपोर्ट का ड्राफ्ट इसमें बनाया जाएगा। फिर जरूरत के स्थान का विश्लेषण किया जाएगा। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए देवास और उज्जैन में कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। जो क्षेत्र को तैयार करने का प्रस्ताव बनाएगा। इसके बाद राज्यविकास निकाय बनाया जाएगा।
इसमें इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और शाजापुर शामिल होंगे
इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और शाजापुर के कुछ क्षेत्रों को मेट्रोपॉलिटन अथॉरिटी में शामिल किया जाएगा। इस क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 331360.6 वर्ग किलोमीटर होगा, जिससे इंदौर को गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की तरह मेट्रोपॉलिटन विकास का मॉडल मिलेगा। ऐसा करने से आर्थिक और औद्योगिक विकास तेज होगा। योजनाओं का कार्यान्वयन प्रभावी और जल्दी होगा। इस योजना का कार्यान्वयन होने पर इंदौर मध्य प्रदेश का पहला मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र बन सकता है।

