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UP में नई सिटी देगी नोएडा-गाजियाबाद को टक्कर, चार गुना अधिक कीमत पर किसानों से खरीदी जाएगी जमीन

UP News: उत्तर प्रदेश में नोएडा और गाजियाबाद के विस्तार के पास एक और जिले की रूपरेखा बदलने वाली है. नोएडा और गाजियाबाद प्रदेश में अपनी अलग ही पहचान बनाए हुए हैं. इसी प्रकार एक और जिले में किसानों से जमीन अधिग्रहण करती नई सिटी का लेआउट तैयार करने का काम शुरू हो गया है.

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UP में नई सिटी देगी नोएडा-गाजियाबाद को टक्कर, चार गुना अधिक कीमत पर किसानों से खरीदी जाएगी जमीन

Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार अब नए मुकाम की ओर बढ़ रही है। नोएडा और गाजियाबाद के विस्तार के बाद अब प्रदेश का एक और जिला तेजी से बदलने जा रहा है। यहां किसानों से जमीन अधिग्रहण करके नई सिटी का लेआउट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रोजेक्ट के पूरे होने के बाद यह इलाका प्रदेश का बड़ा औद्योगिक और आवासीय हब बनकर उभरेगा। 

जमीन अधिग्रहण

नई सिटी के लिए जमीन अधिग्रहण का काम चरणबद्ध तरीके से होगा। इससे न सिर्फ किसानों को उचित मुआवजा मिलेगा, बल्कि हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। नोएडा और गाजियाबाद के बाद अब अलीगढ़ अलग रूप में नजर आने वाला है। एडीए खैर रोड पर आधुनिक सुविधाओं से लैस 'ग्रेटर अलीगढ़' बनाने की योजना बना रहा है। आइए जानते हैं कि इसे बसाने में कितना पैसा लगेगा और कितने चरणों में बनाया जाएगा। 

नई सिटी में मिलेगा हरा-भरा वातावरण

यहां लगभग पांच हजार छोटे-बड़े प्लॉट होंगे। 45 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क और 12 मीटर चौड़ी संपर्क सड़क इस योजना का सौंदर्य बढ़ा देंगे। हर सेक्टर को बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा ताकि आवाजाही और ट्रैफिक आसान हो। इस योजना में घर के अलावा हर आवश्यक सुविधा शामिल होगी। Centre Point Square बनाया जाएगा, जिसके चारों ओर व्यावसायिक क्षेत्र होंगे। ताकि लोगों को स्वस्थ और हरा-भरा वातावरण मिले, यहां एक खेल स्टेडियम और एक ग्रीन बेल्ट भी बनाया जाएगा।

335 हेक्टेयर जमीन पर बनेगी योजना

700 करोड़ रुपये की लागत से योजना बनाई जा रही है। प्रदेश सरकार 350 करोड़ रुपये दे रही है, जबकि एडीए बाकी खर्च उठाएगा। यह ट्रांसपोर्ट नगर के सामने लगभग 335 हेक्टेयर जमीन पर बनाया जा रहा है। योजना के लिए किसानों से चार गुना सर्किल रेट पर जमीन खरीदी जा रही है। अब तक 210 हेक्टेयर भूमि ली गई है, जिसमें 20 हेक्टेयर सरकारी भूमि का पुनर्ग्रहण और 190 हेक्टेयर किसानों से खरीदी गई है। अब तक किसानों को लगभग 480 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। 

चौड़ी सड़कों पर खास ध्यान

ADEA ने पूरी योजना को तीन चरणों में बनाने का निर्णय लिया है। पहले चरण में सत्तर हेक्टेयर जमीन है। ले-आउट मंडलायुक्त की मंजूरी के बाद तैयार हो रहा है। योजना में खेलकूद के वातावरण, हरियाली और चौड़ी सड़कों पर खास ध्यान दिया जा रहा है। कॉलोनी में सौ से आठ सौ वर्गमीटर के प्लॉट उपलब्ध होंगे। यह योजना रुस्तमपुर अखन, अहमदाबाद, जतनपुर चिकावटी, अटलपुर, मूसेपुर, जिरौली और ल्हौसरा विसावन के निकट बनाई जा रही है। ADEA उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा ने कहा कि ले-आउट का काम तेजी से चल रहा है और दीपावली तक योजना की घोषणा होने की उम्मीद है।