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Haryana में सब्जियों की कीमतें हुई बेकाबू, मंडियों से मटर गायब, शिमला मिर्च 100 रुपये किलो से ऊपर

Haryana Vegetable Prices: हरियाणा की मंडियों में सब्जियों की कीमतों ने आम जनता की जेब ढीली कर दी है। मटर का हाल सबसे खराब है, जो दुकानों से लगभग गायब हो गया है और जहां मिल भी रहा है वहां इसका भाव 80 रुपये पाव (यानी 320 रुपये किलो) तक पहुंच चुका है।

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Haryana में सब्जियों की कीमतें हुई बेकाबू, मंडियों से मटर गायब, शिमला मिर्च 100 रुपये किलो से ऊपर

Haryana News: हरियाणा में सब्जियों की बढ़ती कीमतें अब आम जनता के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। हालात ऐसे हैं कि रोज़मर्रा की सब्जियां भी अब रसोई से दूर होती जा रही हैं। मंडियों से लेकर खुदरा दुकानों तक सब्जियों के रेट लगातार आसमान छू रहे हैं। हाल यह है कि कई सब्जियां इतनी महंगी हो चुकी हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गई हैं। इस बार भारी बारिश और बाढ़ ने किसानों को बहुत नुकसान पहुँचाया है। 

लंबी बारिश से जहां सब्जियां सिर्फ खेतों में सड़ गईं, अब प्रदेश भर की मंडियों में सब्जियों की कीमतें बेकाबू हो गईं। वर्तमान में दुकानों से मटर गायब हो गया है और एक पाव मटर 80 रुपये तक खरीदा जाता है। जबकि अन्य सब्जियों में शिमला मिर्च 100 रुपये से ऊपर है। ऐसे में उपभोक्ता महंगाई की मार झेलने को मजबूर होते हैं। इसका असर आम लोगों की थाली पर भी है। तो वहीं सभी विक्रेता भी इससे प्रभावित हैं।

बारिश और बाढ़ के कारण खेतों में सब्जियां हुई खराब 

प्रदेश में भारी बारिश से करोड़ों रुपये की क्षति हुई है। दो महीने की लगातार बारिश और बाढ़ ने अधिकांश सब्जियों को खराब कर दिया है। साथ ही, उपभोक्ता बाजार में बिकने वाली सब्जियों की कीमतें सुनकर परेशान हैं। ऐसे में आम लोगों को सब्जियों की खरीद करने में मुश्किल हो रही है। बरसात के कारण सब्जी उत्पादन कम हुआ है और सब्जियां पहले की तरह नहीं मिल रही हैं। 

बहादुरगढ़ में सब्जी की कीमतें

राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में सब्जी की दुकानों से मटर इन दिनों गायब हो गया है। यहाँ शिमला मिर्च 120 रुपये प्रति किलोग्राम, फ्रांसबीन 100 रुपये, टमाटर 70 रुपये, प्याज 35 रुपये और खीरा 50 रुपये प्रति किलोग्राम मिलते हैं। बंदगोभी इस मौसम में 20 से 30 रुपये में बिकती रही है, लेकिन इस वर्ष यह 50 रुपये से अधिक हो गया है। ऐसे में आम उपभोक्ताओं के पास सब्जियां नहीं हैं। 

उपभोक्ता सब्जियों के बढ़े मूल्य से चिंतित हैं

एक तरफ, उपभोक्ता सब्जियों के बढ़े मूल्य से बहुत चिंतित हैं। वहीं, सब्जी विक्रेता भी महंगाई से परेशान हैं। सब्जी विक्रेता कहते हैं कि भारी बरसात से सब्जियों की पैदावार प्रभावित हुई है। महंगाई के कारण लोग सब्जियां कम खरीद रहे हैं। दाम बढ़ने से मांग कम हुई है। सब्जियों की मांग स्पष्ट रूप से बढ़ेगी अगर दाम गिरेंगे।