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80% सब्सिडी वाले इस बिजनेस को शुरू कर कमाएं लाखों, जानिए कैसे करें अप्लाई
 

The Chopal -खेती बाड़ी 

आज हमको आपके एक ऐसे ही बिजनेस के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां शुरुआती दौर में कम लागत और बंपर कमाई हो. क्युकी कोरोना काल के संकट के बाद खुद का बिजनेस करने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है. अगर वह बिजनेस अपने गांव या घर से हो सके और भी अच्छा है. साथ ही अगर सरकार इस बिजनेस के लिए 80% तक की सब्सिडी दे तो सोने पे सुहागा जैसा मामला हो जाता है. 
हम आपको बता रहे हैं मधुमक्खी पालन के बिजनेस (Beekeeping business) के बारे में. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार भी आर्थिक रूप से बड़ी सहायता कर रही है. साथ ही इसकी देश-विदेश में डिमांड भी बहुत ज्यादा है.
 

बढ़िया इनकम भी और सरकार का सपोर्ट भी

आमतौर पर दवाइयों से लेकर खाने के प्रोडेक्ट तक में कई जगह शहद यानी हनी का इस्तेमाल होता है.और इसकी खपत ओर आमदनी देख कर  कई राज्यों के किसान परंपरागत खेती छोड़कर मधुमक्खी पालन में उतर गए हैं. और इससे बढ़िया कमाई तो ही रही है,साथ ही  सरकार भी कई तरह की मदद करती है. मधुमक्खी पालन कृषि और बागवानी उत्पादन बढ़ाने की भी क्षमता रखता है. मधुमक्खी पालने और शहद प्रसंस्करण इकाई (हनी प्रोसेसिंग यूनिट) लगाकर प्रोसेसिंग प्लांट की मदद से मधुमक्खी पालन के बाजार में कामयाबी हासिल की जा सकती है.
मधुमक्खी से शहद के अलावा ढ़ेर सारे प्रोडक्ट
मधुमक्खी पालन से सिर्फ शहद या मोम ही नहीं मिलता बल्कि इससे और भी कई चीजें मिलती हैं. इनसे बीजवैक्स, रॉयल जेली, प्रोपोलिस या मधुमक्खी गोंद, मधुमक्खी पराग जैसे प्रोडेक्ट मिलते हैं. इन सभी प्रोडेक्ट की मार्केट में काफी डिमांड हैं.
 

सरकार द्वारा आर्थिक मदद 

इस बिजनेस को स्टार्ट करने में भारतीय  कृषि और कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture & Farmers Welfare) ने फसल उत्पादकता में सुधार के लिए मधुमक्खी पालन का विकास (Development of Beekeeping for Improving Crop Productivity) नाम से एक केंद्रीय योजना की शुरुआत की है. इस योजना का प्रमुख उद्देशय मधुमक्खी पालन के क्षेत्र को विकसित करना, प्रोडक्टिविटी बढ़ाना, प्रशिक्षण करना और जागरूकता फैलाना है.राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड (NBB) ने नाबार्ड (NABARD) के साथ मिलकर भारत में मधुमक्खी पालन के लिए आर्थिक मदद की भी योजनाएं शुरू की हैं. इस बिजनेस को शुरू करने के लिए सरकार 80 से 85 फीसदी तक की सब्सिडी मुहैया कराती है.

मात्र 50 हजार हैं शुरुआती खर्चा 

आप अगर चाहें तो मात्र 10 बॉक्स लेकर भी मधुमक्खी पालन कर सकते हैं. ओर अगर आपको  40 किलोग्राम प्रति बॉक्स शहद मिले तो कुल शहद 400 किलो मिलेगी. 350 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 400 किलो बेचने पर 1.40 लाख रुपये की कमाई होगी. अगर प्रति बॉक्स खर्च 3500 रुपये आता है तो कुल खर्च 35,000 रुपये होगा और शुद्ध लाभ 1,05,000 रुपये होगा. यह बिजनेस हर साल मधुमक्खियों की संख्या के बढ़ने के साथ 3 गुना अधिक बढ़ जाता है. यानी 10 बॉक्स से शुरू किया गया बिजनेस एक साल बाद  में 25 से 30 बॉक्स मे बदल   सकता है.
अगर आप बड़े स्तर पर मधुमक्खी पालन करना चाहते हैं तो 100 बॉक्स लेकर यह काम शुरू कर सकते हैं. अगर 40 किलो प्रति बॉक्स शहद मिले तो कुल शहद 4000 किलोग्राम होगी. 350 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से 400 किलो शहद बेचने पर 14,00000 रुपये मिलेंगे. प्रति बॉक्स खर्च 3500 रुपये आता है तो कुल खर्च 3,40,000 रुपये होगा. रिटेल और अन्य खर्च 1,75,000 (मजदूर, यात्रा आदि) रुपये होगा. इसलिए शुद्ध लाभ 10,15,000 रुपये होगा.