सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर को लेकर मनोहर लाल और भगवंत मान की बैठक, केंद्रीय जल मंत्री भी मौजूद
The Chopal, Haryana: सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर पर आज पंजाब हरियाणा के मुख्यमंत्री एक बार फिर आमने सामने होंगे, केंद्र सरकार दोनों राज्यों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता कर रही है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत आज दोनों राज्यों के सीएम मनोहर लाल और भगवंत मान के साथ दिल्ली में मीटिंग करेंगे। हरियाणा के सीएम दिल्ली रवाना हो चुके हैं। यदि इस मीटिंग में कोई हल नहीं निकलता है तो हरियाणा फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगा.
सतलुज यमुना लिंक को लेकर दोनों राज्यों के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बैठकर मसला सुलझाने को कहा था, जिसके बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के बीच बैठक हुई थी, लेकिन यह बैठक बेनतीजा रही थी।
आपको बता दे की पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के प्रावधान के अंतर्गत भारत सरकार के 24 मार्च, 1976 को जारी आदेश के अनुसार हरियाणा को रावी-ब्यास के फालतू पानी में से 3.5 एमएएफ जल का आबंटन किया गया था। एसवाईएल कैनाल का निर्माण कार्य पूरा न होने की वजह से हरियाणा केवल 1.62 एमएएफ पानी का इस्तेमाल कर रहा है। पंजाब अपने क्षेत्र में एसवाईएल कैनाल का निर्माण कार्य पूरा न करके हरियाणा के हिस्से के लगभग 1.9 एमएएफ जल का गैर-कानूनी ढंग से उपयोग कर रहा है।
अब फिर 19 जनवरी को इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। SYL मुद्दे पर पंजाब अपना स्टैंड साफ कर चुका है। पंजाब की सरकारें समय-समय पर कहती रही हैं कि राज्य के पास किसी को देने के लिए सरप्लस पानी नहीं है. माना जा रहा है कि इस बैठक के जरिए दशकों पुराने विवाद को लेकर कोई हल निकल सकता है.
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