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गेहूं और सरसों कटाई बाद 2 फसलों की बुवाई से किसान कमाएं 30 से 50 हजार रुपए मुनाफा

रबी फसलों की कटाई के बाद किसान खाली हुए खेतों में दो फसलों की बुवाई कार्य अच्छा अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं. इस बारे में हम आपको विस्तार से जानकारी देंगे.
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गेहूं और सरसों कटाई बाद 2 फसलों की बुवाई से किसान कमाएं 30 से 50 हजार रुपए मुनाफा

किसान इस सप्ताह सरसों, गेहूं, चना, जौ इत्यादि रबी फसलों की कटाई में जुटे हुए हैं. इसके अलावा कई जगहों पर अगेती खेती होने के बावजूद फसल कटाई का कार्य पूरा हो चुका है. इस दौरान लंबे समय तक किसान खेतों को खाली छोड़ देते हैं. लेकिन कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि खाली छोड़ने के बजाय किसान कुछ अतिरिक्त आय कमा सकते हैं. कृषि विशेषज्ञ वकील यादव ने बताया कि गेहूं और सरसों की कटाई के बाद किसान दलहन और अन्य फसलों की खेती करके अतिरिक्त पैसा कमा सकते हैं.

किसानों को अतिरिक्त आमदनी के साथ-साथ एक दूसरा बड़ा फायदा भी है. यह दलहन की फसलें मिट्टी की उर्वरता को मजबूत बनाती है मूंग जैसी फसलों से मिट्टी में नाइट्रोजन की मात्रा भरपूर हो जाती है. जिससे अगली फसल का उत्पादन बढ़ता है. इसी वजह से कृषि विशेषज्ञ खेत खाली छोड़ने की बजाय ये फसल चक्र अपनाने की सलाह देते हैं.

2 फसलों की करें बुवाई

रबी फसलों के कटान के बाद किसान मक्का और मूंग जैसी कई फसलों की खेती कर सकते हैं. मूंग की फसल ज्यादातर 60 से 70 दिनों में पककर तैयार होती है. इसके अलावा मक्का भी 70 से 80 दिनों के बीच तैयार हो जाता है. ज्यादातर किसानों को रबी फसलों की कटाई के बाद हरे चारे के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है. परंतु मक्का फसल से चारे की कमी दूर हो जाती है. साथ ही अतिरिक्त फसल से आमदनी बढ़ती है.

मूंग की फसल में किसानों को हल्की सिंचाई के साथ केवल दो पानी देने की आवश्यकता होती है. 12 से 15 किलो प्रति एकड़ बीज, कीटनाशक और अन्य लागत भी कम आती है. मूंग बुवाई के दौरान कतार की दूरी 25 से 30 सेंटीमीटर रखें और पौधों की दूरी 8 से 10 सेंटीमीटर होनी चाहिए. किसान अगर उन्नत किस्म के अच्छे बीजों का इस्तेमाल करता है तो 5 से 8 क्विंटल प्रति एकड़ तक मूंग की पैदावार हो सकती है. कृषि उपज मंडियों में मूंग का भाव 6000 से 8000 रुपए प्रति क्विंटल के बीच बना रहता है. जिससे प्रति एकड़ 30000 से 50000 रुपए की कमाई हो जाती है.

मिलेंगे 3 फायदे

इसी तरह मक्का भी किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है. चारे की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और भुट्टे बेचकर भी अच्छी आमदनी कमाई जा सकती है. अच्छे बीज देखभाल और समय पर सिंचाई करने से मक्का किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है. साथी खाली खेतों से अतिरिक्त कमाई भी हो जाएगी और मिट्टी की भी उर्वरता में इजाफा होगा.