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राजस्थान पेपर लीक मामले में अब ED, इन जिलों में ताबड़तोड़ छापामारी, सचिन पायलट ने जनसंघर्ष यात्रा में उठाया था मुद्दा

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The Chopal, जयपुर: सचिन पायलट के अल्टीमेटम के बाद, जयपुर, राजस्थान में पेपर लीक केस एक बार फिर सुर्खियों में आया है। हालांकि, अभी तक गहलोत सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा टीमों ने पेपर लीक घोटाले की जांच के तहत आज राजस्थान में आरपीएसपी (RPS) सदस्य और पेपर माफियाओं के स्थानों सहित 28 स्थानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई से सूबे की सियासत में गरमाहट बढ़ी है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ED की कार्रवाई पर कई सवालों को उठाया है। बीजेपी ने ED की कार्रवाई को जायज ठहराया है और कहा है कि बड़े अपराधियों को बचाया जा रहा है, लेकिन उन्हें ED की कार्रवाई में पकड़ा जाएगा, चाहे वह मंत्री हो या सीएमओ के अफसर हों।

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प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने डूंगरपुर में राजस्थान लोकसेवा आयोग के सदस्य बाबूलाल कटारा के घर पर छापेमारी की है। इसके अलावा, अजमेर में टीम ने कटारा के सरकारी आवास और दफ्तर पर छापा मारा है। तीसरी टीम ने बाड़मेर में पेपर माफिया भजनलाल विश्नोई के घर पर छापेमारी की है और चौथी टीम ने जयपुर में पेपर माफिया सुरेश ढाका के घर पर छापेमारी की है। ये सभी लोग शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मास्टरमाइंड माने जा रहे हैं। बाबूलाल कटारा और भजनलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन सुरेश ढाका अभी तक फरार है।

पेपर माफियाओं के ठिकानों पर छापेमारी

राजस्थान में पिछले दिसंबर में आयोजित हुई शिक्षक भर्ती परीक्षा का आरपीएसपी (Rajasthan Public Service Commission) द्वारा आयोजन किया गया था। इस परीक्षा में आयोग के सदस्य बाबूलाल कटारा ने पेपर माफिया शेर सिंह को पेपर बेचा था। इसके पहले थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा यानी रीट (Rajasthan Eligibility Examination for Teachers) के पेपर भी इन पेपर माफियाओं ने बेचा था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को राजस्थान में पेपर माफियाओं के 28 ठिकानों पर छापेमारी की है। इनकी छानबीन और जांच अभी भी जारी है। विपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़ ने इसे पेपर लूट घोटाला बताया है और उन्होंने कहा है कि इसके बाद इनकम टैक्स विभाग की जांच भी होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बोले- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की जांच भी अच्छी 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ईडी की छापेमारी पर आपत्ति जताई है और कहा है कि राजस्थान का भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) यानी एसीबी अच्छी जांच कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया है कि ईडी और सीबीआई राजस्थान में एंट्री के लिए तरस रहे हैं और इसमें किसी तरह की दवाबदारी नहीं होनी चाहिए। बीजेपी के राज्यसभा सदस्य किरोड़ीलाल मीणा ने इस मामले पर आंदोलन चलाने का दावा किया है और उनका दावा है कि इस घोटाले में कई मंत्रियों और सीएम दफ्तर के अफसर शामिल हैं। ईडी की जांच में अब ये बड़े अपराधियों को पकड़ा जाएगा। सांसद राज्यवर्धन राठौड़ ने आरोप लगाया है कि राजस्थान में पेपर लीक घोटाले में छोटी मछलियां पकड़ी जा रही थीं और अब असली गुनाहगारों को पकड़ा जाएगा।

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सचिन पायलट ने 11 से 15 ई तक निकाली थी जनसंघर्ष यात्रा

सचिन पायलट ने राजस्थान में पेपर लीक घोटाले के मामले को लेकर 11 से 15 ई तक अजमेर से जयपुर तक जनसंघर्ष यात्रा निकाली थी। उन्होंने अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। 15 मई को जयपुर में आयोजित जनसभा में उन्होंने अशोक गहलोत को 31 मई तक पेपर लीक घोटाले में कार्रवाई करने, आरपीएसपी की पुनर्गठन करने और पीड़ित छात्रों को मुआवजा देने की मांग को लेकर अल्टीमेटम दिया था। पायलट अभी भी यह कह रहे हैं कि अगर राज्य सरकार इस कार्रवाई को नहीं करेगी तो वे आंदोलन करेंगे। इस मुद्दे पर गहलोत और पायलट के बीच टकराव होने के बाद उन्होंने दिल्ली में राहुल गांधी से मिले थे, लेकिन वहां पर बातचीत नहीं हुई।

10 भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक होने का आरोप 

राजस्थान में 2021 में आयोजित हुई रीट परीक्षा में पेपर लीक हुआ था जिसमें लगभग 26 लाख छात्र भाग लेते थे। इसके बाद तीन अन्य परीक्षाओं में भी पेपर लीक का आरोप लगा है। इनमें पिछले साल दिसंबर में आयोजित हुई सैंकेड शिक्षक भर्ती परीक्षा भी शामिल है, जिसमें पेपर माफियाओं ने अभ्यर्थियों को उदयपुर में एक बस में बिठाकर पहले से खरीदे गए पेपर से नकल कराई थी। राजस्थान में कुल मिलाकर करीब 10 भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक होने का आरोप है, जिनमें से कुछ परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।

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