Katia Wheat Variety: बिना रासायनिक खाद के उगेगा ये गेहूं, प्रति बीघा मिलेगी चार क्विंटल पैदावार
Katia Wheat Variety: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में गेहूं की एक अलग प्रकार की किस्म की खेती की जाती है. लंबे समय से की जा रही इस खेती में किसानों को कम खर्चे में ज्यादा आमदनी होती है. किसानों ने बताया कि छतरपुर जिले में कटिया गेहूं की खेती (Katiya Gehun Ki Kheti) लंबे समय से की जा रही है. इस खेती में खाद और सिंचाई के लिए पानी की कम जरूरत पड़ती है.
काली मिट्टी में होगी पैदावार
इस गेहूं की नवंबर और दिसंबर में बुवाई की जाती है. अगले 4 महीनों में गेहूं पककर तैयार हो जाती है. किसानों ने कहा की कटिया गेहूं के लिए काली मिट्टी उपयुक्त होती है. जिसमें गेहूं की ज्यादा पैदावार मिलती है. कटिया गेहूं में लागत इस वजह से घट जाती है. क्योंकि ये काली मिट्टी पानी को लगातार सुरक्षित रखती है. जिसकी वजह से नमी बनी रहती है.
बिना रासायनिक खाद पकेगा गेहूं
दूसरा इसमें खर्च कम आने की वजह किसी प्रकार की रासायनिक खाद की आवश्यकता नहीं पड़ती. आमतौर पर इलाके में किसान गोबर की खाद डालकर ही अच्छी पैदावार ले लेते हैं. कम पानी, बिना किसी रासायनिक खाद पकाने वाली यह कटिया गेहूं से किसानों को अच्छी आमदनी प्राप्त होती है.
कितना होगा उत्पादन
अगर अच्छे तरीके से फसल की देखभाल की जाए कटिया गेहूं एक बीघे में चार क्विंटल तक पैदावार दे देता है. अगर फसल कमजोर है तो 2 से 3 क्विंटल तक बीघा गेहूं की पैदावार हो जाती है. उन्होंने बताया कि कटिया गेहूं को केवल काली मिट्टी में ही उगाया जा सकता है. किसी प्रकार की पथरीली या पीली मिट्टी वाली जमीन में इस गेहूं को उगाना संभव नहीं है.
