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उच्च जाति के कारण दलित आईपीएस की बारात पुलिस सुरक्षा में निकली

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UttarPradesh
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जयपुर| भारत जो की अब विकासशील देशों की क्षेणी में आता है लोग कहते हैं यहां अब जाति धर्म के नाम पर लोगों का शोषण नहीं होता। सभी को संविधान के नियमों के आधार पर समता का अधिकार प्राप्त है। लेकिन यदि वास्तविक परिपेक्ष्य पर बात करें तो यह छवि बिल्कुल उल्टी दिखाई देगी। क्योंकि बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर में भारत को संविधान तो दिया है लेकिन उस संविधान के अनुच्छेद में लिखे अधिकारों से लोग आज भी वंचित हैं। आज भी देश मे दलित के मन में असुरक्षा का भाव है और वह संघर्ष कर रहा है। 
इसका जीवंत मामला जयपुर में देखने को मिला और एक आईपीएस अधिकारी की बारात सुरक्षा के साए में निकाली गई। खबर वाकया जयपुर के ग्रामीण जिले की है जहां एक आईपीएस की बारात निकलनी थी। गांव के ऊंची जाति के लोगो ने इसका विरोध किया जिसके बाद उसे कानूनी सुरक्षा का सहारा लेना पड़ा। 
कोटपूतली के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विद्याप्रकाश ने बताया, मणिपुर कैडर के 2020 बैच के आईपीएस अधिकारी और कोटपूतली के जयसिंहपुरा गांव के निवासी सुनील कुमार धनवंत (26) घोड़ी पर सवार होकर शादी की रस्मों की अदायगी के लिए बारात के साथ हरियाणा पहुंचे। जहां पुलिस की पुख्ता सुरक्षा के साथ उनका विवाह करवाया गया। बता दें उन्होंने प्रशासन को पहले ही किसी अप्रिय घटना की सुरक्षा दे दी थी जिसके चलते उनकी बारात पुख्ता सुरक्षा के साथ निकाली गई।