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यूक्रेन बॉर्डर पर रूस का अटैक, अमेरिका के सैनिक 'हाई अलर्ट' पर, कई देश कर रहें तैनाती

रूस व यूक्रेन के बीच जारी विवाद तूल पकड़ रहा, 8 हजार 5 सौ अमेरिकी सैनिक 'हाई अलर्ट' पर, डेनमार्क बाल्टिक सागर में एक युद्धपोत भेज रहा है व लिथुआनिया में एफ-16 युद्धक विमान तैनात कर रहा है. फ्रांस बुल्गारिया को सैनिक भेजने को तैयार है.
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Russia Attack Ukraine Border : रूस व यूक्रेन के बीच जारी विवाद अब तूल पकड़ता ही जा रहा है. मिली जानकारी के मुताबिक, 8 हजार 5 सौ अमेरिकी सैनिक 'हाई अलर्ट' पर रखें गए है. वहीं यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के विदेश मंत्री सोमवार को यूक्रेन के समर्थन में एकता व प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने की तैयारी करते दिखे. नाटो ने सोमवार को कहा कि यूक्रेन के पास रूसी सैनिकों की तैनाती बढ़ने के बीच वह अपने अतिरिक्त बलों को तैयार कर रहा है और पूर्वी यूरोप में और ज्यादा संख्या में जहाज और लड़ाकू विमान भेज रहा है.

उधर नाटो ने कहा कि वह बाल्टिक सागर क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा रहा है. 30 देशों के सैन्य संगठन के कई सदस्यों ने अपने सैनिक व साजो-सामान भेजे हैं. डेनमार्क बाल्टिक सागर में एक युद्धपोत भेज रहा है व लिथुआनिया में एफ-16 युद्धक विमान तैनात कर रहा है. बल के अनुसार, स्पेन नाटो के समुद्री बल में शामिल होने के लिए जहाज भेज रहा है व बुल्गारिया में लड़ाकू विमान भेजने पर विचार कर रहा है, वहीं फ्रांस बुल्गारिया को सैनिक भेजने को तैयार है.

रूस व यूक्रेन विवाद की 3 मुख्य वजह

- बता दें की क्रीमिया प्रायद्वीप है, जो किसी वक्त में यूक्रेन का हिस्सा हुआ करता था. इसे साल 2014 में रूस ने यूक्रेन से अलग कर दिया था. इस मुद्दे पर अमेरिका व पश्चिमी देश यूक्रेन के साथ खड़े हैं, तो वहीं रूस अलग-थलग पड़ गया है.

- दूसरा विवाद नार्ड स्‍ट्रीम-2 पाइपलाइन है, इसके तहत रूस जर्मनी समेत यूरोप के दूसरे देशों को सीधे तेल व गैस सप्लाई कर सकेगा. जिससे यूक्रेन को तगड़ा वित्तीय नुकसान उठाना होगा.

- वहीं तीसरा विवाद : यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की मंशा है. और अमेरिका भी चाहता है कि यूक्रेन नाटो का सदस्य देश बने. वहीं, रूस ने यूक्रेन से इस मामले में लीगल गारंटी तक भी मांगी है कि वह कभी नाटो का सदस्य नहीं बनेगा.