यूक्रेन पर रूसी हमलों के चलते NATO ने एक्टिव की अपनी 40 हजार दमदार फोर्स, जानिए क्या है इरादा
रूस का यूक्रेन पर हमला लगातार चल रहा है. इस बीच उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने रक्षात्मक उपाय के रूप में अपनी प्रतिक्रिया बल को सक्रिय कर दिया है. नाटो के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है. नाटो प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने शुक्रवार को बताया कि ब्लॉक ने रक्षा योजनाओं को सक्रिय कर दिया गया है. उन्होंने जमीन पर, समुद्र और हवा तीनों जगहों पर सैनिकों की तैनाती करने की बात कही है.
आपको बता दें कि नाटों ने हजारों की संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया है. साथ ही 100 से अधिक जेट 30 स्थानों पर हाई अलर्ट पर हैं. स्टोलटेनबर्ग ने बताया, “गलत अनुमान या गलतफहमी के लिए कोई जगह नहीं होती है. हम हर सहयोगी और नाटो क्षेत्र के हर इंच की रक्षा और बचाव के लिए जो कर सकते हैं वो करेंगे.”
हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि नाटो सैनिक यूक्रेन में जाएंगे. ऐसा इसलिए है कि यूक्रेन नाटो का सदस्य देश नहीं है. यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के विरोध में निष्क्रियता के लिए 27 सदस्यीय ब्लॉक की व्यापक आलोचना के बीच यह कदम उठाया जा रहा है.
प्रतिक्रिया बल को सक्रिय करने का निर्णय तत्काल परामर्श के बाद किया गया जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और अन्य नाटो नेता भी शामिल थे. आपको बता दें कि 40,000 सैनिकों को स्टैंडबाय पर रखा जा चुका है. नाटो का यह कदम अपने सदस्य देशों की सुरक्षा सुनिश्तित करने के लिए उठाया जा रहा है. आपको बता दें कि कल रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में जमकर बम बरसाए है.
सीएनएन ने नाटो सुप्रीम एलाइड कमांडर जनरल टॉड वोल्टर्स के हवाले से बताया, "यह एक ऐतिहासिक क्षण है और पहली बार एलायंस ने इन उच्च तत्परता बलों को रक्षा भूमिका में नियुक्त किया गया है."
दुनिया के सबसे बड़े सुरक्षा संगठन के पास पहले बाल्टिक देशों (एस्टोनिया, लातविया और लिथुआनिया) और पोलैंड में लगभग 5,000 सैनिक तैनात थे, लेकिन पिछले तीन महीनों में इसकी सुरक्षा में काफी वृद्धि की गई है.
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जर्मनी ने शुक्रवार को बताया कि वह स्लोवाकिया में सैनिकों और एक पैट्रियट एंटी-मिसाइल सिस्टम को तैनात करने की योजना भी बना रहा है. जर्मनी भी नाटो का सदस्य देश है.
नाटो के 30 सदस्य देशों में से कुछ यूक्रेन को हथियार, गोला-बारूद और अन्य उपकरणों की आपूर्ति कि जा रही हैं, लेकिन नाटो एक संगठन के रूप में ऐसा काम नहीं किया जा रहा है. यह यूक्रेन के समर्थन में कोई सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं कि जाएगी. यूक्रेन नाटों का करीबी भागीदार है लेकिन इसमें शामिल होने की कोई संभावना नहीं है.
बाल्टिक सदस्यों ने बताया है कि पश्चिम को तुरंत यूक्रेनी लोगों को हथियार, गोला-बारूद और किसी भी अन्य प्रकार की सैन्य सहायता के साथ-साथ आर्थिक, वित्तीय और राजनीतिक सहायता और समर्थन के साथ मानवीय सहायता करनी चाहिए.

