The Chopal

Expressway : इस एक एक्सप्रेसवे से उत्तर भारत के 5 राज्यों के लोग होंगे निहाल, टाइम बजत के साथ पैसों की भी बारिश

Expressway :हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि राजस्‍थान के अलवर में हरियाणा सीमा पर स्थित पनियाला मोड़ से लेकर बड़ौदामेव तक बनने वाले एक्‍सप्रेसवे का काम जल्‍द ही शुरू हो जाएगा। कहा जा रहा है कि इस एक एक्सप्रेसवे से उत्तर भारत के पांच राज्यों को फायदा होगा। 

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Expressway: People of 5 states of North India will be happy with this one expressway, along with time budget, money will also rain.

The Chopal : राजस्‍थान के अलवर में हरियाणा सीमा पर स्थित पनियाला मोड़ से लेकर बड़ौदामेव तक बनने वाले एक्‍सप्रेसवे (Paniyala Mor- Barodameo Expressway) का काम जल्‍द ही शुरू हो जाएगा. भूमि अधिग्रहण सहित छोटी-मोटी अन्‍य दिक्‍कतें अब दूर हो गई हैं. 86 किलोमीटर लंबे इस एक्‍सप्रेसवे के बनने से जम्‍मू, कश्‍मीर, हिमाचल, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा से मुंबई जाने वाले वाहनों को नई दिल्‍ली नहीं जाना होगा और वे इस एक्‍सप्रेसवे की मदद से सीधे दिल्‍ली-मुंबई एक्‍सप्रेसवे पर चढ़ जाएंगे.

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इससे मुंबई आने-जाने में टाइम तो बचेगा ही, साथ ही ईंधन की भी बचत होगी. पनियाला मोड़-बड़ौदामेव एक्‍सप्रेसवे से दिल्‍ली को भी फायदा होगा क्‍योंकि इससे दिल्‍ली पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा. हरियाणा के नारनौल से पनियाला मोड़ तक हाईवे बना हुआ है. इस एक्सप्रेसवे को एनएच 148बी का नाम दिया गया है. इसके बन जाने से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर से आने वाले वाहन अंबाला से सीधा राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 152डी से नारनौल होते हुए दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस मार्ग पर पहुंच जाएंगे. इस एक्‍सप्रेसवे के बनने से अलवर के साथ ही ही राजस्‍थान के सीकर, झुंझुनू, भरतपुर और करौली को भी फायदा होगा और यहां के विकास को गति मिलेगी.

यह होगा रूट-

हरियाणा बॉर्डर के पास पनियावाला मोड़ से शुरू होकर यह एक्‍सप्रेसवे कोटपुतली, बानसूर, मुंडावर, किशनगढ़ बास, अलवर, रामगढ़-लक्ष्मणगढ़ होते हुए बड़ौदामेव में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा. इस एक्‍सप्रेसवे के लिए 56 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया. कोटपुतली के दो गांव, बानसूर के 14, मुंडावर के 9, अलवर के 18, किशनगढ़ बास के दो, रामगढ़ के 9 और लक्ष्मणगढ़ के 2 गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है. यह एक्‍सप्रेसवे जिस भी क्षेत्र से गुजरेगा वहां औद्योगिक क्षेत्र विकसित होंगे तथा व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा.

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खर्च होंगे 1400 करोड़-

इस एक्‍सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 1400 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इस निर्माण की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. जमीन अधिग्रहण का काम भी अंतिम चरण में है. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की तरह इस एक्सप्रेसवे पर कैमरे, स्पीड कंट्रोलर, वाई-फाई, एक्सेस कंट्रोल सहित सभी आधुनिक सुविधा होगी.