राजस्थान के 3 जिलों की बल्ले-बल्ले, बनेगा 87.33 किलोमीटर का फोरलेन हाईवे, नितिन गडकरी का ऐलान

Rajasthan News: राजस्थान में एक से दूसरे राज्य तक सफर करने वाले यात्रियों के लिए दिन प्रतिदिन सरकार की तरफ से खुशखबरियां सामने आ रही है. फिलहाल राजस्थान के दो जिलों के बीच एक सड़क को फोरलेन हाईवे बनाया जाएगा. इस बारे में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर खुशखबरी दी है. ये 4 लेन का हाईवे 87.83 किलोमीटर लंबा होगा. फिलहाल जिस सड़क को फोरलेन में अपग्रेड करने की घोषणा की गई है उससे राजस्थान के तीन जिलों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा. इस फोरलेन से जोधपुर, नागौर और बीकानेर की यात्रा बेहतर होगी.
787.33 करोड रुपए की स्वीकृति
इस फोरलेन हाईवे की घोषणा होने के बाद केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक्स में नितिन गडकरी की पोस्ट को रीपोस्ट कर धन्यवाद करने के दौरान उन्होंने लिखा कि नागौर से जोधपुर खंड तक 87.83 किलोमीटर की दूरी को पेमेंट शोल्डर के साथ चार लेन की सड़क के रूप में अपग्रेड किया जाएगा. इसके लिए 787.33 करोड रुपए की स्वीकृति दी गई है यह परियोजना 6.5 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास के जरिए बावड़ी शहर सहित समस्त खंड के लिए बहु उपयोगी होने वाली है. साथ ही उन्होंने लिखा कि इससे निश्चित ही यातायात में सुधार आएगा और दुर्घटनाओं से सुरक्षा मिलेगी साथ ही क्षेत्र का आर्थिक विकास मजबूत होगा और रफ्तार भी बढ़ेगी.
नितिन गडकरी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा
राजस्थान में राष्ट्रीय राजमार्ग-62 के नागौर बाईपास से नेत्रा गांव तक (नागौर-नेत्रा पैकेज I & II) 87.63 किमी लंबे हिस्से को पेव्ड शोल्डर के साथ 4-लेन में चौड़ीकरण के लिए 787.33 करोड़ रुपये की लागत के साथ स्वीकृति दी गई है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-62 का नागौर-खिमसर-सोयला-नेत्रा खंड (87 किलोमीटर) पेव्ड शोल्डर के साथ 2-लेन का है, जब कि नेत्रा से मंडोर खंड (जोधपुर) पहले से ही 4-लेन का है। नागौर से जोधपुर खंड पर 16,000 पीसीयू से अधिक औसत दैनिक यातायात को ध्यान में रखकर, इस 87 किमी के हिस्से को बढ़ते यातायात और सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को समायोजित करने के लिए पेव्ड शोल्डर के साथ 4-लेन की सड़क में अपग्रेड किया जा रहा है।
यह परियोजना 6.55 किमी लंबे प्रस्तावित बाईपास के माध्यम से बावड़ी शहर सहित पूरे खंड के यातायात को कम करने में मदद करेगी। साथ ही खिमसर के चूना खनन क्षेत्रों के साथ-साथ नागौर जिले के सीमेंट उद्योगों को भी बेहतर संपर्क प्रदान करेगी तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी।