The Chopal
Indian Car Market: भारतीय कार बाजार में विदेशी कंपनियों का कारोबार घटा, टाटा-महिंद्रा की बिक्री में बड़ा उछाल
 

The Chopal, New Dehli: भारतीय कायर बाजार की तस्वीर में अब बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। एक तरफ सरकार प्रदूषण व बढ़ते ईंधन के दामों के मध्य इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा दे रही है। तो वही दूसरी और भारतीय ग्राहक जो छोटी कारों को अधिक पसंद करते थे। वो भी अब SUV कारों की अधिक खरीद कर रहे है। इन सारें बदलावों का असर देश के कार बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। भारतीय बाजार में टाटा मोटर्स (Tata Motors) और महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra & Mahindra) को इसका बहुत फायदा होता हुआ दिख रहा है।और कई बड़ी विदेशी कंपनियों की हिस्सेदारी धीरे-धीरे कम हो रही है।             

भारतीय बाजार में कम हो रहा मारुति का मार्केट शेयर

भारतीय कार बाजार में अगर हिस्सेदारी के लिहाज से बात करें तो मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) अभी भी नंबर 1 पर काबिज है, लेकिन हालिया समय में जारी आंकड़ों की गौर करें इस कंपनी की बाजार हिस्सेदारी तेजी से कम भी हुई है. कभी भारतीय कार बाजार पर मारुति सुजुकी कंपनी राज करती थी और अकेले आधी से अधिक कारें बेचती थी. वहीं अब स्थिति यह है कि मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी कम होकर 40 % से भी नीचे तक आ गई है. पिछले तीन साल के दौरान मारुति सुजुकी की भारतीय कार बाजार में हिस्सेदारी में 8 % की गिरावट भी देखने को मिली है.

भारतीय बाजार में बढ़ रही टाटा की कारों की डिमांड

भारतीय कार बाजार में आ रहे इस बदलाव से सबसे ज्यादा फायदा टाटा मोटर्स को ही हुआ है. टाटा मोटर्स ने एसयूवी की बढ़ती डिमांड को देखते हुए नेक्सन (Tata Nexon), हैरियर (Tata Harrier) और पंच (Tata Punch) जैसे दमदार मॉडल लॉन्च किए. नेक्सन को तो भारतीय ग्राहकों ने खूब पसंद भी किया. इसका इलेक्ट्रिक अवतार नेक्सन ईवी भारतीय बाजार में सबसे ज्यादा बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार भी है. वहीं टाटा की पंच वैसे ग्राहकों को बहुत पसंद आ रही है, जो कम बजट में एसयूवी का आनंद उठाना चाहते हैं. टाटा मोटर्स ने सेफ्टी के मामले में भी अहम बदलाव की अगुवाई भारतीय बाजार में की है. सेफ्टी रेटिंग को लेकर उदासीन भारतीय बाजार में टाटा ने एक के बाद एक फाइव स्टार सेफ्टी रेटिंग वाली कारें बाजार में लॉन्च की.

ग्रोथ में मीलों पीछे मारुति और हुंडई जैसी कंपनियों 

अगस्त महीने की बिक्री के आंकड़ों पर अधिक गौर करें तो 1,34,166 यूनिट्स कारें बेचकर मारुति सुजुकी पहले पायदान पर भी रही. यह साल भर पहले यानी अगस्त 2021 की बिक्री की तुलना में 30 % ज्यादा है. इसके बाद हुंडई का नंबर रहा, जिसने अगस्त 2022 में 49,510 यूनिट्स कारों की बिक्री भारतीय बाजार में की. हुंडई की बिक्री साल भर पहले की तुलना में 5.6 % तक बढ़ी. वहीं टाटा और महिंद्रा को देखें तो ग्रोथ का आंकड़ा बहुत जबरदस्त है. अगस्त में टाटा मोटर्स की 47,166 कारें भारतीय बाजार में बिकी. यह अगस्त 2021 में हुई 28,018 यूनिट्स की बिक्री की तुलना में 68 % ग्रोथ है. इसी तरह महिंद्रा एंड महिंद्रा की पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में बिक्री इस दौरान 87 % बढ़कर 29,852 यूनिट्स तक पहुंच गई.

भारतीय बाजार में इन कंपनियों को भी हो रहा नुकसान

टाटा मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी देसी कंपनियों को यह कामयाबी ऐसे समय मिली है, जब ओवरऑल कार मार्केट में बड़ी कमजोरी दर्ज की जा रही है. मारुति सुजुकी 2019-20 तक के आंकड़ों के मुताबिक कुल 50% मार्केट पर काबिज थी, लेकिन अब इसकी बाजार हिस्सेदारी कम होकर 40% के तक भी नीचे आ गई है. इसकी बड़ी वजह ये भी है कि मारुति की SUV सेगमेंट में बेहद कम हिस्सेदारी भी है. इसके साथ ही डीजल कारों का उत्पादन बंद करने से भी मारुति सुजुकी का मार्केट शेयर बहुत कम हुआ है. महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स की इस कामयाबी से हुंडई और मारुति सुजुकी के अलावा टोयोटा, होंडा और फॉक्सवैगन जैसी दूसरी विदेशी कार कंपनियों को भी बड़ी चुनौती भी मिल रही है.

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