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राजस्थान में बर्फीली हवाएं हुई तेज, जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

 

The Chopal, Rajasthan: Rajasthan Weather Today- राजस्थान में इस सर्दी ने कई सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. राजस्थान (Rajasthan time) में सर्दी अपना पुराना रिकॉर्ड तोड़ रही है और हाड़ कंपा देने वाली ठंड का दौर जारी है. मौसम विभाग ने हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड से राहत नहीं मिलने की बात कहते हुए चेतावनी जारी की है. दो से तीन दिनों तक प्रदेश भर में बर्फ जमी रहेगी. इस वजह से प्रदेश की जनता को अभी तीन चार दिन और ठंड से राहत नहीं मिलने वाली है. मौसम विभाग का कहना है कि यह इस सीजन में सर्दी का पीक टाइम है. वहीं, 19 जनवरी के बाद सर्दी का असर कम होगा. इस भीषण सर्दी से सारा जनजीवन अस्त-व्यस्त है.

तेज सर्द हवा के कारण सर्दी का असर इस कदर बढ़ गया है कि कई जगहों पर बर्फ जम गई है. इसके साथ ही फसलों पर जमी ओस भी बर्फ में तब्दील हो गई. कड़ाके की ठंड और कड़ाके की ठंड ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है. सर्दी के चलते लोगों की दिनचर्या देर से शुरू होती है. इसलिए 9 के बाद बाजार खुल रहे हैं. धूप खिलने के बाद भी लोगों को ठंड से राहत नहीं मिल रही है.

झुंझुनूं में सर्दी का सितम जारी 

वहीं, झुंझुनूं में सर्दी का सितम जारी है. जिले में कड़ाके की ठंड के कारण खेतों पर लगातार पाला जम रहा है. पाला ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पाला पड़ने से चना, जौ, गेहूं व सरसों की फसल में 40 प्रतिशत से अधिक नुकसान का अनुमान है. वहीं, पाला पड़ने से सब्जी की फसल को काफी नुकसान हुआ है. किसानों का कहना है कि इस बार भी मौसम की मार से फसलों को नुकसान पहुंचा है. सरकार को खराब फसल के लिए गिरदावरी बंद करनी चाहिए. लगातार पड़ रही शीतलहर से सामान्य जनजीवन प्रभावित है. पिलानी मौसम विज्ञान केंद्र में आज का न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया. वहीं, जिला मौसम विभाग ने आज तक का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

चूरू का मौसम

वहीं अगर चूरू के सरदारशहर की बात करें तो पिछले 4 दिनों से कड़ाके की ठंड किसानों पर कहर बरपा रही है. फसलों पर लगातार हो रहे भारी हिमपात से फसलें बर्बादी के कगार पर आ गई हैं. वहीं, किसान खेतों में आग जलाकर और धुआं बनाकर इस बर्फ को पिघलाने की कोशिश कर रहे हैं. यहां हर तरफ बर्फ ही बर्फ नजर आ रही है.

भीलवाड़ा में सर्दी कहर 

इसके साथ ही भीलवाड़ा में सर्दी भी कहर बरपा रही है. पिछले तीन दिनों से पारा जमाव बिंदु पर पहुंच गया है, ऐसे में बर्फ जमने लगी है. इस सर्दी की वजह से खेतों पर, खेतों पर, फसलों पर, खुले मैदानों पर बर्फ जम गई. बाहर रखे बर्तनों में भरा पानी बर्फ में बदल गया है और खेतों में फसलें सुबह सफेद नजर आ रही हैं.

ठंड के कारण होने वाली अफीम की जहर

इस बार सर्दी के तेवर ने अफीम के नशे को दूर कर दिया है. दो दिनों तक कड़ाके की ठंड और न्यूनतम तापमान माइनस 1.5 डिग्री रहने से जिले की 2000 हेक्टेयर अफीम की खेती को नुकसान होने की आशंका है. सबसे ज्यादा 15 फीसदी नुकसान अफीम का होता है, जिसे धनतेरस या 25 अक्टूबर को लगाया गया था. किसानों ने अपने अफीम के खेतों के चारों ओर कपड़े की दीवारें बना ली हैं, और फिर भी कोई भी ठंड से बचा नहीं है. फूलों पर पाला पड़ने के कारण वे काली पठन से नष्ट हो गए हैं. अब अफीम किसान अपनी जमीन बचाने से डर रहे हैं.

पाइपों में बर्फ

जयपुर जिले के चौमूं अनुमंडल क्षेत्र में लगातार कड़ाके की ठंड पड़ रही है और सर्दी का सितम जारी है तो मंगलवार की सुबह भी लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई और लोग अपने घरों में दुबके रहे. वहीं, ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेते हैं. कड़ाके की ठंड के कारण खेतों में लगी फसल और सिंचाई के लिए रखे पाइप भी बर्फ की परत से ढक गए और घर के बाहर खड़े वाहनों के शीशे पर भी बर्फ की परत जमी नजर आई.

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