The Chopal
मोबाइल में कॉलर आईडी सिस्टम लॉन्च करने जा रही है TRAI, अब नहीं होगी TrueCaller की जरूरत
 

The Chopal, New Delhi: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (Trai) एक मोबाइल कॉलर पहचान प्रणाली शुरू करेगा. इस सिस्टम को केवाईसी से वेरिफाई किया जाएगा. ट्राई की योजना अगले तीन सप्ताह में इस प्रणाली को चालू करने की है. इससे यूजर्स को TrueCaller ऐप की जरूरत नहीं होगी. मिंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्राई के अध्यक्ष पीडी वाघेला ने बुधवार को कहा कि दूरसंचार नियामक "एकाधिक स्क्रीन, समान सामग्री" के मामलों में नए नियमों पर भी विचार कर रहा है.

उन्होंने कहा कि Trai का कॉलर आईडी सिस्टम Truecaller की जगह ले सकता है. वाजेला ने एचडी को बताया कि ट्राई समस्या का समाधान खोजने के लिए विभिन्न हितधारकों के साथ बातचीत कर रहा है. नई सुविधा के दो से तीन सप्ताह में लॉन्च होने की उम्मीद है.

ग्राहकों के हितों की रक्षा की जाएगी

अभिसरण प्रौद्योगिकी की नई दुनिया में हमें नियामक प्रणाली के संभावित सामंजस्य के बारे में सोचना होगा. वाघिला ने कहा कि इसके लिए, नियामक और कानूनी ढांचे को नए विकास के साथ तालमेल रखना चाहिए, जो प्रौद्योगिकी के उपयोग की सुविधा प्रदान करेगा और इसका उपयोग राज्य और ग्राहकों के हितों की रक्षा करेगा.

एक जैसा कंटेंट

टीवी से लेकर स्मार्टफोन तक सभी डिवाइसेज पर आज एक जैसा कंटेंट उपलब्ध है. ट्राई के बॉस ने यह भी कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स के डिस्ट्रीब्यूशन मैकेनिज्म में अंतर की वजह से उन्हें रेगुलेट करने में दिक्कत आ रही है.

Truecaller एक स्वीडिश कॉलर आईडी ऐप है

आपको बता दें कि ट्रूकॉलर एक स्वीडिश कॉलर आईडी ऐप है, जो आपके फोन पर इनकमिंग कॉल की पहचान करता है और आपको कॉल करने वाले का नाम और लोकेशन बताता है. गौरतलब है कि इसी साल मई में ट्रूकॉलर के सीईओ और फाउंडर एलेन ममेदी ने कहा था कि ट्राई जिस कॉलर नेम डिस्प्ले सिस्टम को बनाना चाहता है, वह ट्रूकॉलर का मुकाबला नहीं कर पाएगा.

Read Also: शेड्यूल करने का फीचर Instagram में अब, तय समय पर अपने आप शेयर होगी पोस्ट