UP के 56 जिलों से होकर गुजरेंगे 7 नए एक्सप्रेसवे, लोगो का सफर होगा मजेदार
UP News : उत्तर प्रदेश जल्द ही देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य बन जाएगा। प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे को सरकार हरी झंडी दिखा चुकी है। इन को मिलाकर प्रदेश के करीब 56 जिले एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होंगे। इन एक्सप्रेसवे का निर्माण होने से राज्य और उसके आस-पास के शहरों के बीच कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

Uttar Pradesh News : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के 56 जिलों से होकर गुजरने वाले सात नए एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला किया है। नए एक्सप्रेसवे से राज्य और उसके आस-पास के इलाकों में कनेक्टिविटी को काफ़ी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इन एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई लगभग 866 किलोमीटर है, जो 56 जिलों को एक्सप्रेसवे के विशाल नेटवर्क से जोड़ते हैं।
वर्तमान में, उत्तर प्रदेश में भारत में एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा नेटवर्क है (परिचालन और गैर-परिचालन दोनों)। नए विकास से इसके मुकुट में और भी रत्न जुड़ जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में नए एक्सप्रेसवे के लिए बजट
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में सात नए एक्सप्रेसवे के विकास के लिए 50,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। सरकार को उम्मीद है कि इन एक्सप्रेसवे का निर्माण अगले 2 से 3 साल में पूरा हो जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूपी कैबिनेट ने इन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।
यूपी में आगामी एक्सप्रेसवे के पीछे का उद्देश्य
उत्तर प्रदेश में आगामी एक्सप्रेसवे के नियोजित विकास के साथ, सरकार का लक्ष्य राज्य और अन्य पड़ोसी इलाकों के बीच संपर्क में सुधार करना है। इतना ही नहीं, सरकार को तेज़ परिवहन, रियल एस्टेट निवेश क्षमता में वृद्धि, औद्योगिक केंद्रों के प्रति आकर्षण और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार के माध्यम से आर्थिक विकास में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। नए एक्सप्रेसवे एक्सप्रेसवे मार्गों के साथ रिबन विकास का मार्ग भी प्रशस्त कर सकते हैं।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश में अभी चालू एक्सप्रेसवे की बात की जाए तो इसमें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का नाम शामिल है। इसकी कुल लंबाई 340 किलोमीटर है। जो प्रदेश के 8 जिलों लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर शामिल हैं।
आगरा -लखनऊ एक्सप्रेसवे
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी वाहन फर्राटा भर रहे हैं। यह 9 जिलों आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा,औरया, कन्नौज, कानपुर, हरदोई, उन्नाव व लखनऊ को जोड़ता है। इसकी कुल लंबाई 302 किलोमीटर है।
यमुना एक्सप्रेसवे
आगरा से ग्रेटर नोएडा को जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेसवे गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, महामाया नगर (हाथरस), मथुरा और आगरा से कनेक्ट होता है। इसकी कुल लंबाई करीब 165 किलोमीटर है।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
296 किलोमीटर लंबा बुंदलेखंड एक्सप्रेसवे 5 जिलों को कनेक्ट करता है। इसमें चित्रकूट, बांदा, महोबा, जालौन और औरया शामिल है। यहां के लोग इस पर फर्राटा भरते हैं।
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है जिसकी कुल लंबाई 91 किलोमीटर है। यह गोरखपुर के रास्ते आजमगढ़ होते हुए अम्बेडकरनगर वाया संतकबीर नगर जाता है।
गंगा एक्सप्रेसवे
सीएम योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक गंगा एक्सप्रेस का निर्माण कार्य जारी है। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, व प्रयागराज तक जाएगा।
इन एक्सप्रेसवे का होना है निर्माण
आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे-गंगा एक्सप्रेसवे वाया फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई 93 किलोमीटर होगी। यह तीन जिलों इटावा, फर्रुखाबाद हरदोई से जुड़ेगा।
आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक एक्सप्रेसवे
आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए जोड़ा जाएगा। इसकी लंबाई 60 किलोमीटर है। इससे एक जिला जुड़ेगा। इससे यात्रियों को खासा फायदा मिलने वाला है।
विन्ध्य एक्सप्रेसवे
विंध्य एक्सप्रेसवे का ऐलान हाल में सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया है। 320 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे प्रयागराज, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र से जुड़ेगा।