प्रदेश की हिसार अनाज मंडी में एक अप्रैल से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद, जानें क्या मिलेगा रेट

Haryana, Hisar : गेहूं फसल की भी हैफेड ही खरीदारी करेगा। गेहूं की फसल का सरकारी भाव आढ़तियों के रेट से कम है। ऐसे में सवाल यह है कि फसल की सरकारी खरीद कैसे होगी। इन दिनों गेहूं फसल का आढ़ती 2100 से लेकर 2250 रुपये प्रति क्विंटल भाव दे रहे है और सरकारी रेट 2050 है।
फसल की पैदावार अच्छी होने की संभावना
अभी गेहूं फसल की आवक अनाज मंडी में शुरू नहीं हुई है, क्योंकि खेतों में गेहूं फसल की कटाई शुरू नहीं हुई। करीब 15 दिनों के बाद गेहूं की फसल भी कटाई शुरू हो जाएगी।
अभी किसान सरसों फसल की कटाई-कढ़ाई में लगे है। उसके बाद ही गेहूं फसल की कटाई शुरू होगी। इस बार फसल की अच्छी पैदावार होगी।
प्रति एकड़ 20 क्विंटल दे सकेंगे
सरकारी रेट पर हैफेड को एक किसान प्रति एकड़ 20 क्विंटल गेहूं की फसल बेच सकेगा। किसान को यह छूट है कि अपनी मर्जी से कितनी भी फसल बच सकता है। इस पर कोई प्रावधान या दायरा नहीं है। चाहे दो एकड़ हो या 20। सिर्फ एकड़ का दायरा निर्धारित है न फसल बेचने का।
पहले किसान सरकारी रेट पर फसल बेचकर थे खुश
दो साल पहले गेहूं और सरसों फसल का सरकारी भाव आढ़तियों से अधिक होता था। किसान भी सरकारी रेट भी फसल बेचकर खुश थे। उन दिनों आढ़ती किसानों से औने-पौने दामों में फसल खरीदते थे। 80 से 85 प्रतिशत किसान सरकारी रेट पर फसल बेचने मंडी आते थे। हर ब्लाक का दिन-समय निर्धारित किया हुआ था
किसान बोले, जो भाव अच्छा देगा, उसी को बेचेंगे
अनाज मंडी में फसल लेकर आए किसानों से बातचीत की गई तो बोले कि जो भी फसल का अच्छा भाव देगा। उसी को फसल बेचेंगे। सरकारी रेट पर फसल बेचने का कोई फायदा नहीं है। इस बार आढ़तियों से मंडी में फसल के अच्छे दाम मिल रहे है तो उनको ही बेचेंगे।