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राजस्थान के किसानों से मजाक, फसल बीमा क्लेम में 5 से 10 पैसे का भुगतान, अब मोदी सरकार देगी 229 करोड़ रुपये

 

The Chopal: साल 2021 में खरीफ फसल के क्लेम का इंतजार कर रहे हजारों किसानों के साथ बीमा कंपनी ने बड़ा भारी मजाक किया है। फसल बर्बाद होने के बाद किसानों ने क्लेम में लागत निकल आने की उम्मीदें भी लगाई थीं लेकिन वे तब हैरान रह गए जब उनके खाते में मात्र 5 से 10 पैसे तक भुगतान किए गए। पर अब जैसे-जैसे बीमे के भुगतान की रकम किसानों के खाते में जमा हो रही हैं, वे खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। यही नहीं अब इस मसले पर राजनीतिक दल भी एक-दूसरे पर 'टोपी ट्रांसफर' का खेल खेल रहे हैं। बता दें कि साल 2021 में समय पर बारिश नहीं होने के कारण फसलें भी खराब हो गई थीं। और राजस्थान के किसानों ने फसल बीमा के लिए हजारों रुपये का प्रीमियम भी भरा था। 

खेती की लागत का भी नहीं हुआ भुगतान 

अकाल जैसी स्थिति पैदा होने के कारण सरकार के सर्वे में बड़े पैमाने पर फसलें बर्बाद होने की बात स्वीकार भी की गई थी। सूची में हर किसान के हिस्से में हजारों रुपये के क्लेम की बात भी कही गई थी। इससे किसानों को उम्मीद थी कि उनकी लागत बीमा कंपनी से मिल भी जाएगी। अब जब किसानों के खाते में रकम का भुगतान हो रहा है। महज 5 से 10 पैसे का भुगतान देखकर किसानों में भारी गुस्सा भी पैदा हो रहा है। हालांकि कुछ किसानों के खाते में 200 से 400 रुपये तक भी आए हैं। यह रकम थोड़ी अधिक जरूर है लेकिन इससे लागत की भरपाई भी संभव नहीं है। 

किसानों के 8.05 करोड़ रुपये अंटके

सोशल मीडिया पर लोग बीमा कंपनियों के खेल का जिक्र कर व्यवस्था की खामियों को कोस भी रहे हैं। बाड़मेर जिले के नेता और अधिकारी सात सौ करोड़ के क्लेम आने का दावा भी कर रहे थे लेकिन किसानों के खाते में जमा हुई राशि सरकारों के दावों की पोल भी खोल रही है। इस बीच बीमा कंपनी ने प्रशासन से कहा है कि 8012 किसानों के बैंक खाते बंद हैं या उनके नंबर सही नहीं होने के कारण बीमा की रकम करीब 8.05 करोड़ रुपये जमा भी नहीं हो पाई हैं। यानी यह राशि भी अटक गई हैं। अब जिला परिषद ने सभी विकास अधिकारियों, पटवारियों को संबंधित किसानों के सही खाता नंबर जुटाकर जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

हजारों करोड़ रुपये लिए, देने के नाम पर 20, 100, 200, 500 रुपये का भुगतान 

आरोप लग रहे हैं कि बाड़मेर जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा कंपनी ने केन्द्र और राज्य सरकार की उदासीनता के कारण 2018 से 2021 तक बीते चार वर्षों के दौरान किसानों के हजारों करोड़ रुपये डकार भी गई है। किसान बीमा कंपनी द्वारा 2021 के फसल मुआवजे के नाम पर 20 रुपये, 100 रुपये, 200 रुपये, 500 रुपये से 2000 हजार की रकम खाते में जमा कराने को केंद्र और राज्य सरकार की लापरवाही का नतीजा भी बता रहे हैं। किसानों से प्रीमियम की राशि के रूप में 5 से 30 हजार रुपए तक भी वसूले गए थे। मजाक यह कि इसका 10वां हिस्सा भी क्लैम राशि के रूप में किसानों को नहीं दिया जा रहा है।

क्या किसानों द्वारा नियमों का किया गया पालन...

किसानों का कहना है कि नियमानुसार फसल खराब होने पर खेती के हिसाब से लगभग क्लेम की रकम 30 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक भुगतान किया जानी चाहिए। बीमा कंपनी की ओर से किए गए इस भद्दे मजाक को लेकर किसानों की ओर से कई बार जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। किसानों ने जिला कलेक्टर के मार्फत प्रधानमंत्री, केन्द्रीय कृषि मंत्रालय और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। मामले ने जब तूल पकड़ा तब क्लैम देने की घोषणा की गई। 

अब हरकत में केंद्र सरकार 

बाड़मेर के किसानों द्वारा फसल बीमा के संबंध में विसंगतियों को लेकर प्रतिरोध के मद्देनजर बुधवार को कृषि भवन नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक भी हुई। बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एवं केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के साथ कृषि मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी की सीईओ, राजस्थान राज्य के कृषि आयुक्त एवं अन्य बीमा कंपनी के अधिकारी भी मौजूद रहे।

229 करोड़ रुपये और जारी करने के निर्देश

बैठक के बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री एवं बाड़मेर जैसलमेर सांसद कैलाश चौधरी ने बताया कि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (एआईसी) को बाड़मेर जिले के किसानों को पहले जारी की गई 311 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त अब अलग से तत्काल 229 करोड़ रुपये की राशि जारी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। यही नहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत किसानों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई है। राज्यों से महाराष्ट्र की भांति न्यूनतम बीमा भुगतान राशि निर्धारित करने का भी आग्रह किया गया है। बैठक में यह निर्देश दिया गया है कि किसानों की समग्र बीमा राशि को एकीकृत करके ही बैंक खाते में भेजा जाए।  

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री का गहलोत सरकार पर निशाना

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि अब किसानों के खाते में कुल 540 करोड़ रुपए जमा होंगे। वैसे कृषि राज्य सूची का विषय है, लेकिन राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग भी रही है। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कृषि एवं किसान कल्याण को लेकर पूरी तरह संकल्पबद्ध भी है। भविष्य में फसल बीमा क्लेम को मिलाकर कुल राशि किसानों के खाते में भेजे जाने को लेकर बीमा कंपनी के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, ताकि एक सम्मानजनक राशि किसान के खाते में जाए जिससे उसके स्वाभिमान को ठेस भी ना पहुंचे।

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