दिल्ली मेट्रो में शराब ले जाने का नया नियम जारी, जानिए कितनी बोतल की मिली छूट
दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी DMRC) की तरफ से यात्रियों को अपने साथ शराब की दो सीलबंद बोतल लेकर चलने की अनुमति दे दी है लेकिन स्टेशन के बाहर निकलते ही शराब लेकर आने वाले यात्री पर कार्रवाई होगी। दिल्ली उत्तर प्रदेश और हरियाणा आबकारी विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि कोई भी यात्री विदेशी या किसी अन्य राज्य की शराब की सीलबंद बोतल लेकर नहीं आ सकता है।आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से.

The Chopal : दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी, DMRC) की तरफ से यात्रियों को अपने साथ शराब की दो सीलबंद बोतल लेकर चलने की अनुमति दे दी है, लेकिन स्टेशन के बाहर निकलते ही शराब लेकर आने वाले यात्री पर कार्रवाई होगी। दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा आबकारी विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि कोई भी यात्री विदेशी या किसी अन्य राज्य की शराब की सीलबंद बोतल लेकर नहीं आ सकता है।
विदेशी या अन्य राज्य की एक सील खुली हुई बोतल लेकर व्यक्ति चल सकता है। जिस प्रदेश से शराब खरीदी गई है, उसके अलावा किसी भी दूसरे राज्य में शराब लेकर पहुंचना अपराध की श्रेणी में आएगा और व्यक्ति पर न्यूनतम 200 रुपये अर्थदंड लगाए जाने के साथ बोतल जब्त करने और जेल भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
हरियाणा के नियम
हरियाणा आबकारी नियम के अनुसार, प्रदेश में कहीं भी कोई भी व्यक्ति शराब की एक पेटी ले जा सकता है। लेकिन किसी दूसरे राज्य से नहीं ला सकता। ऐसा करना अपराध है। संबंधित व्यक्ति पर मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।
नोएडा की मेट्रो लाइन में बिल्कुल अनुमति नहीं
हालांकि नोएडा मेट्रो रेल कारपोरेशन (एनएमआरसी) की एक्वा लाइन मेट्रो में शराब लेकर सफर करने की अनुमति नहीं है, चाहे वह शराब की बोतल उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए ही हो।
क्या है दिल्ली में नियम?
दिल्ली के एक आबकारी अधिकारी के अनुसार, दिल्ली में कोई भी व्यक्ति दूसरे राज्य की शराब की 750 मिलीलीटर की सील खुली हुई एक बोतल ला सकता है। दूसरे राज्य की सील बोतल लाने की अनुमति नहीं है। एयरपोर्ट से आने वाले यात्री के पासपोर्ट पर अगर दो बोतल की एंट्री है तो वह दो बोतल लेकर आ सकता है।
नोएडा में होगी कार्रवाई
गौतमबुद्ध नगर जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि डीएमआरसी की यह व्यवस्था उत्तर प्रदेश में लागू नहीं होगी। कोई भी यात्री अगर मेट्रो से शराब लेकर नोएडा पहुंचता है और उसके पास विदेशी या किसी अन्य राज्य की सीलबंद बोतल मिलती है तो उस पर जुर्माना लगाए जाने के साथ शराब की बोतल को जब्त किया जाएगा।
यात्री के पास एक सील खुली हुई बोतल मिलती है, तो उस पर कार्रवाई नहीं होगी। वहीं यात्री के पास अगर उत्तर प्रदेश में बिक्री वाली शराब की अधिकतम चार बोतल या चार पव्वे या बीयर की 12 केन मिलती है, तो उस पर कार्रवाई नहीं होगी। यह शराब लेकर चलने की अधिकतम सीमा है।
इससे अधिक मात्रा में अगर उत्तर प्रदेश में बिक्री वाली भी शराब मिलती है, तो व्यक्ति कार्रवाई के दायरे में आएगा। फरीदाबाद के एसीपी मुख्यालय अमन यादव ने कहा कि अभी तक हमारे सामने ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है कि मेट्रो में कोई व्यक्ति दिल्ली से शराब ला रहा हो। फिर भी नजर रखी जा रही है। प्रदेश की आबकारी नीति का पालन हर हाल में कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित थानों की पुलिस को सतर्क कर दिया है।
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