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DAP: किसान फसलों में डीएपी की जगह इन खाद का करें इस्तेमाल, मिलेगा बंपर फायदा
 

The Chopal, New Delhi: विश्व बाजार में कई दिनों से लगातार डीएपी (DAP) की कीमतों में तेजी दर्ज की गई हैं. भारत को भी डीएपी की आपूर्ति के लिए कई देशों पर निर्भर रहना पड़ता हैं. इसी वजह से Di Ammonium Phosphate (DAP) की ज्यादा कीमत के बाद भी इसकी कमी हमेशा रहती हैं. कई किसानों को जरुरत के मुताबिक डीएपी आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाती हैं.

जिसे कारण Crops को नुकसान भी होता हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय द्वारा खरीफ और रबी सीजन 2022-23 में वैकल्पिक उर्वरकों का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है. जाकि किसान डीएपी पर अधिक निर्भर न रहे.

फसलों में DAP के स्थान पर इन खादों का करें प्रयोग

कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्यागिकी विभाग के निर्देशों के अनुसार खरीफ की फसलों के लिए डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) के विकल्प के रूप में कई उर्वरक का फसलवार उपयोग करने की सलाह दी गई हैं.

Agricultural Scientists के अनुसार किसान खरीफ फसलों मे लिए अनुशंसित पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए डीएपी के स्थान पर उन्य fertilizers का भी उपयोग कर सकते हैं. फसलवार उर्वरक अनुशंसा के आधार पर निम्न विकल्प हो सकतें हैं. जैसा की सभी किसान भाईयों को पता है कि देश में इन दिनों उर्वरकों की भारी कमी हैं.

सोयाबीन की फसल में इन fertilizers का करें इस्तेमाल

खरीफ तिलहनी सोयाबीन और मूंगफली की फसलों के लिए पोषक तत्व एनपीके 8:20:8 (नाईट्रोजन 8, फास्फोरस 20, पोटाश 8 ) किलो ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया 17 किलो पोटाश 13 किलो, सिंगल सुपर फस्फेट ढाई बोरी (125 किलो) के अलावा वर्मी कम्पोस्ट एक एकड़ की दर से कम से कम एक क्विंटल का उपयोग कर सकते हैं।

दलहनी फसलों में DAP के स्थान पर इन खाद का करें उपयोग

किसान भाई खरीफ दहलनी फसलों के लिए अनुशंसित पोषक तत्व एनपीके 8:20:8 (नाईट्रोजन 8, फास्फोरस 20, पोटाश 8 ) किलो ग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से यूरिया 18 किलो पोटाश 14 किलो, सिंगल सुपर फस्फेट ढाई बोरी (125 किलो) अथवा यूरिया पांच किलो, एनपीके (12:32:16) एक बोरी (50 किलो), पोटाश 14 किलो, सिंगल सुपर फास्फेट 25 किलो के साथ वर्मी कंपोस्ट प्रति एकड़ एक क्विंटल की मात्रा के हिसाब से उपयोग किया जा सकता हैं.

रामतील में DAP के स्थान पर इन उर्वरकों का इस्तेमाल करें

रामतील अनुशंसित पोषक तत्वों की मात्रा (12:12:8) किलो व नत्रजन, स्फूर एवं पोटाश प्रति एकड़. इसके अलावा पोषक तत्वों की पूर्ति के लिए 26 किलो यूरिया, 25 किलो सिंगल सुपर फास्फेट और 13 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश का उपयोग किया जा सकता हैं. इसके अलावा वर्मी कम्पोस्ट प्रति क्विंटल की दर से एक एकड़ में उपयोग की जा सकती हैं.

गन्ना फसल के लिए यह बेहतर खाद 

किसान ध्यान रखे की गन्ना की फसल के लिए पोषक तत्व एनपीके (120:32:24) नाइट्रोजन 120, फास्फोरस 32, पोटाश 24 किलो ग्राम प्रति एकड़ मात्रा की आपूर्ति के लिए यूरिया की पांच बोरियां (250 किलो) एनपीके 12:32:16 की दो बोरी (100 किलो) एवं पोटाश 14 किलो, या यूरिया (260 किलो)

सिंगल सुपर फास्फेट चार बोरी (200 किलो), पोटाश 40 किलो या यूरिया (200 किलो) एनपीके (20:20:0:13) 3 बोरी (150 किलो) एवं पोटाश-40 किलो का उपयोग किया जा सकता हैं. वहीं वर्मी कम्पोस्ट प्रति एकड़ के हिसाब से उपयोग करने की सलाह कृषि विभाग द्वारा दी गई हैं.

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